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यात्रा मार्ग से पिघलने लगी बर्फ
Pithoragarh
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिले में धूप खिलने के साथ ही कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग की बर्फ पिघलने लगी है। एक जून से शुरू होने वाली यात्रा से पूर्व बर्फ का पिघलना जिला प्रशासन, आईटीबीपी और विदेश मंत्रालय के लिए राहत पहुंचाने वाली सूचना है।
आईटीबीपी के से मिली जानकारी के अनुसार गुंजी से नाभिढांग तक बर्फ पूरी तरह से पिघल गई है। नाभिंढाग से आगे लिपूपास तक बर्फ दो से तीन फीट ही बची है। आने वाले समय में अगर मौसम ऐसा ही रहता है तो आगे के रास्ते से भी बर्फ पिघलने की संभावना जताई जा रही है। मिर्थी स्थित सातवीं आईटीबीपी के सेनानी केएस रावत ने बताया कि कैलास और छोटा कैलास यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने के लिए भेजा गया सर्वे दल लौट गया है। सर्वे दल के अनुसार छोटा कैलास यात्रा मार्ग में भी बर्फ तेजी से पिघल रही है। यात्रा मार्ग के अंतर्गत आने वाले कुटी और ज्योलिंगकांग के बीच मात्र दो से तीन फीट तक ही बर्फदेखने को मिल रही है। अगर मौसम इसी प्रकार खुशगवार रहता है तो आने वाले दिनों में पूरे यात्रा मार्ग की बर्फपिघल जाएगी।
मेहता ने बताया कि यात्रा मार्ग की पूरी स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन, विदेश मंत्रालय और आईटीबीपी के दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि 1 जून से शुरू हो रही यात्रा के मद्देनजर 15 मई को यात्रा मार्ग में ध्वस्त हुए पैदल मार्गों की जानकारी प्राप्त करने के लिए टीम भेजी जाएगी।
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आईटीबीपी के से मिली जानकारी के अनुसार गुंजी से नाभिढांग तक बर्फ पूरी तरह से पिघल गई है। नाभिंढाग से आगे लिपूपास तक बर्फ दो से तीन फीट ही बची है। आने वाले समय में अगर मौसम ऐसा ही रहता है तो आगे के रास्ते से भी बर्फ पिघलने की संभावना जताई जा रही है। मिर्थी स्थित सातवीं आईटीबीपी के सेनानी केएस रावत ने बताया कि कैलास और छोटा कैलास यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने के लिए भेजा गया सर्वे दल लौट गया है। सर्वे दल के अनुसार छोटा कैलास यात्रा मार्ग में भी बर्फ तेजी से पिघल रही है। यात्रा मार्ग के अंतर्गत आने वाले कुटी और ज्योलिंगकांग के बीच मात्र दो से तीन फीट तक ही बर्फदेखने को मिल रही है। अगर मौसम इसी प्रकार खुशगवार रहता है तो आने वाले दिनों में पूरे यात्रा मार्ग की बर्फपिघल जाएगी।
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मेहता ने बताया कि यात्रा मार्ग की पूरी स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन, विदेश मंत्रालय और आईटीबीपी के दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि 1 जून से शुरू हो रही यात्रा के मद्देनजर 15 मई को यात्रा मार्ग में ध्वस्त हुए पैदल मार्गों की जानकारी प्राप्त करने के लिए टीम भेजी जाएगी।
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