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सूचना प्रौद्योगिकी से खुलते हैं उन्नति के रास्ते
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पिथौरागढ़। राजकीय इंटर कॉलेज तेजम में आयोजित विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी की कार्यशाला का समापन हो गया है। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी की समझ से उन्नति के रास्ते खुलते हैं।
समापन के मुख्य अतिथि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. भरत सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) की ओर से आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण और शिक्षा को समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि सूचना के युग में जिसका सूचना प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण है वहीं बुद्धिमान है। इस अवसर पर यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने देहरादून से मोबाइल पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि आज शिक्षा सामग्री के लिए ई-एजुकेशन आदि के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी का विकास हो रहा है। उन्होंने मार्गदर्शक शिक्षकों और विद्यार्थियों से कार्यशाला के बारे में वार्ता की। कार्यक्रम के संयोजक, प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने कार्यशाला को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से प्राप्त जानकारी को एक-दूसरे को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी मुनस्यारी गोविंद सिंह रावत, ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक महेंद्र सिंह रावत, राइंका होकरा के प्रभारी प्रधानाचार्य अरविंद कुमार समेत मार्गदर्शक शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।
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समापन के मुख्य अतिथि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. भरत सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) की ओर से आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण और शिक्षा को समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि सूचना के युग में जिसका सूचना प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण है वहीं बुद्धिमान है। इस अवसर पर यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने देहरादून से मोबाइल पर व्याख्यान दिया।
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उन्होंने कहा कि आज शिक्षा सामग्री के लिए ई-एजुकेशन आदि के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी का विकास हो रहा है। उन्होंने मार्गदर्शक शिक्षकों और विद्यार्थियों से कार्यशाला के बारे में वार्ता की। कार्यक्रम के संयोजक, प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने कार्यशाला को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से प्राप्त जानकारी को एक-दूसरे को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी मुनस्यारी गोविंद सिंह रावत, ग्रामीण बैंक के पूर्व प्रबंधक महेंद्र सिंह रावत, राइंका होकरा के प्रभारी प्रधानाचार्य अरविंद कुमार समेत मार्गदर्शक शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।
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