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संचार सेवा की बदहाली से आक्रोश
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:05 PM IST
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। विकास खंड के मातोली में निजी कंपनी की संचार सेवा बदहाल होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही संचार सेवा दुरुस्त नहीं की गई तो वह जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोग मातोली में एकत्र हुए और निजी संचार सेवा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसका पुतला फूंका। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि पिछले लंबे समय से क्षेत्र के लोग नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल में सिग्नल आने के बावजूद बात नहीं हो पा रही है। इंटरनेट सेवा भी बदहाल होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने जल्द संचार सेवा ठीक करने की मांग उठाई है। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र भंडारी, सुरजीत पोखरिया, पंकज सिंह, दिनेश सिंह, गोपाल सिंह, मदनमोहन जोशी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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बैंक में परेशान रहे ग्रामीण
गणाईगंगोली। क्षेत्र में बीएसएनएल की सेवा ठप होने से लोगों की खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज से एसबीआई में लेन-देन करने आने वाले लोगों को घंटों नेट चलने का इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों को तो बैंक से मायूस भी होकर लौटना पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र बीएसएनएल ने बदहाल सेवा में सुधार नहीं किया तो वह उग्र आंदोलन को विवश होंगे। ब्यूरो
टेलीफोन टावरों से खतरे का अंदेशा
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। वर्ष 1990 में गांवों में संचार सेवा प्रदान करने के लिए लगाए गए टेलीफोन टावरों ने स्थापना के बाद से काम तो नहीं किया, लेकिन आबादी क्षेत्र में लगे इन टावरों से खतरे का अंदेशा पैदा हो गया है। वर्ष 1990 में ख्वांतड़ी, कापड़ीगांव, जिनगाल, लोहाकोट, समेत देवलथल के कई गांवों में टेलीफोन टावर लगाए गए। 50 मीटर ऊंचे टावर आबादी क्षेत्र में भी लगे हैं। ये टावर गिरते हैं तो आवासीय भवनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। क्षेत्र के लोगों ने बीएसएनएल के उप खंड अधिकारी को भेजे ज्ञापन में टावरों को हटाने की मांग की है। कहा कि टावरों में अर्थिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण बिजली गिरने का खतरा बना है। ज्ञापन में पवन कुमार धामी, विजय कुमार, जीवन सिंह धामी के हस्ताक्षर हैं। उपखंड अधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि टावरों को हटाने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही टावर हटा दिए जाएंगे।
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क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोग मातोली में एकत्र हुए और निजी संचार सेवा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसका पुतला फूंका। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि पिछले लंबे समय से क्षेत्र के लोग नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल में सिग्नल आने के बावजूद बात नहीं हो पा रही है। इंटरनेट सेवा भी बदहाल होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने जल्द संचार सेवा ठीक करने की मांग उठाई है। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र भंडारी, सुरजीत पोखरिया, पंकज सिंह, दिनेश सिंह, गोपाल सिंह, मदनमोहन जोशी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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बैंक में परेशान रहे ग्रामीण
गणाईगंगोली। क्षेत्र में बीएसएनएल की सेवा ठप होने से लोगों की खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज से एसबीआई में लेन-देन करने आने वाले लोगों को घंटों नेट चलने का इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों को तो बैंक से मायूस भी होकर लौटना पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र बीएसएनएल ने बदहाल सेवा में सुधार नहीं किया तो वह उग्र आंदोलन को विवश होंगे। ब्यूरो
टेलीफोन टावरों से खतरे का अंदेशा
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। वर्ष 1990 में गांवों में संचार सेवा प्रदान करने के लिए लगाए गए टेलीफोन टावरों ने स्थापना के बाद से काम तो नहीं किया, लेकिन आबादी क्षेत्र में लगे इन टावरों से खतरे का अंदेशा पैदा हो गया है। वर्ष 1990 में ख्वांतड़ी, कापड़ीगांव, जिनगाल, लोहाकोट, समेत देवलथल के कई गांवों में टेलीफोन टावर लगाए गए। 50 मीटर ऊंचे टावर आबादी क्षेत्र में भी लगे हैं। ये टावर गिरते हैं तो आवासीय भवनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। क्षेत्र के लोगों ने बीएसएनएल के उप खंड अधिकारी को भेजे ज्ञापन में टावरों को हटाने की मांग की है। कहा कि टावरों में अर्थिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण बिजली गिरने का खतरा बना है। ज्ञापन में पवन कुमार धामी, विजय कुमार, जीवन सिंह धामी के हस्ताक्षर हैं। उपखंड अधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि टावरों को हटाने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही टावर हटा दिए जाएंगे।