{"_id":"bf7ec80b67ed47451aa90355b48475bf","slug":"486-km-cycling-for-environmental-awareness-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण जागरूकता के लिए 486 किमी साइकिलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण जागरूकता के लिए 486 किमी साइकिलिंग
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
Updated Fri, 29 Jan 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्यावरण को पहुंच रहे नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लोग अपने-अपने तरीके से प्रयासों में जुटे हुए हैं। पिथौरागढ़ के युवाओं का दल साइकिलिंग के माध्यम से लोगों को पर्यावरण जागरूकता की सीख देता है। चार सदस्यीय इस दल ने पांच दिन में 486 किमी की यात्रा कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इससे पहले भी ये युवा पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिलिंग कर चुके हैं, अब लेह तक साइकिल से जाने का इरादा इन युवाओं का है।
साइकिलिंग दल में शामिल जगदीश भट्ट, विवेक शाह, हिमांशु बिष्ट और वीरेंद्र सिंह दरियाल ने 24 जनवरी को पिथौरागढ़ से साइकिल यात्रा प्रारंभ की। पहले दिन इन युवाओं ने साइकिल से टनकपुर तक की यात्रा की। दूसरे दिन 25 जनवरी को दल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता हुआ टनकपुर से हल्द्वानी पहुंचा। 26 जनवरी को दल ने हल्द्वानी-नैनीताल-गरमपानी तक की यात्रा की। 27 जनवरी को दल अल्मोड़ा होते हुए दन्यां पहुंचा। 28 जनवरी को दल ने दन्यां से पिथौरागढ़ वापसी की। इससे पहले ये साइकिलिस्ट नारायण आश्रम, मुनस्यारी तक साइकिल से जा चुके हैं। साइकिलिस्ट ने बताया कि मई में पिथौरागढ़ से लेह तक की यात्रा साइकिल से करने की योजना है। इसकी तैयारी की जा रही है। साइकिलिंग के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता के लिए छेड़ी गई मुहिम को लोगों ने सराहा है।
विज्ञापन
साइकिलिंग दल में शामिल जगदीश भट्ट, विवेक शाह, हिमांशु बिष्ट और वीरेंद्र सिंह दरियाल ने 24 जनवरी को पिथौरागढ़ से साइकिल यात्रा प्रारंभ की। पहले दिन इन युवाओं ने साइकिल से टनकपुर तक की यात्रा की। दूसरे दिन 25 जनवरी को दल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता हुआ टनकपुर से हल्द्वानी पहुंचा। 26 जनवरी को दल ने हल्द्वानी-नैनीताल-गरमपानी तक की यात्रा की। 27 जनवरी को दल अल्मोड़ा होते हुए दन्यां पहुंचा। 28 जनवरी को दल ने दन्यां से पिथौरागढ़ वापसी की। इससे पहले ये साइकिलिस्ट नारायण आश्रम, मुनस्यारी तक साइकिल से जा चुके हैं। साइकिलिस्ट ने बताया कि मई में पिथौरागढ़ से लेह तक की यात्रा साइकिल से करने की योजना है। इसकी तैयारी की जा रही है। साइकिलिंग के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता के लिए छेड़ी गई मुहिम को लोगों ने सराहा है।
विज्ञापन