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बारहमासी सड़क से घटी रोडवेज की आय
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:28 PM IST
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पिथौरागढ़। बारहमासी सड़क के बार-बार बाधित होने से रोडवेज को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस कारण लंबी दूरी की आठ बसों का संचालन पिथौरागढ़ से बंद कर टनकपुर से किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से टनकपुर मार्ग पर गुरुग्राम, देहरादून, दिल्ली, हरिद्वार, कानपुर, लखनऊ, बदायूं सहित बरेली के लिए 15 बसें संचालित होती थीं। अल्मोड़ा मार्ग पर भी दिल्ली और देहरादून के साथ ही मुनस्यारी-दिल्ली, गंगोलीहाट-दिल्ली और धारचूला-दिल्ली के लिए बसों का संचालन होता है। बरसात से पहले बसों से निगम को आठ लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती थी। सड़क में निर्माण कार्य एवं जगह-जगह बंद होने से रोडवेज बसों को टनकपुर पहुंचने में अब अधिक समय लग रहा है।
कटिंग के कारण लगने वाले जाम को देखते हुए पिछले लंबे समय से अधिकतर यात्री सुबह के समय जीपों से मैदानी क्षेत्रों को निकल रहे हैं। इस कारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी कमी आई है। सड़क के बार-बार बाधित होने के चलते 42 सीटर आठ बसों को पिथौरागढ़ के बजाय टनकपुर से संचालित किया जा रहा है। इस समय 10 से 11 बसें ही मैदानी क्षेत्रों को जा रही हैं। एक से 15 अगस्त तक रोडवेज की 10 बसें यात्री नहीं होने से बस स्टेशन से वापस वर्कशाप भेजी गई।
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इस समय यात्रियों की कम संख्या है। इसके चलते कुछ बसों का संचालन टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए किया जा रहा है। मानसून अवधि में यात्रियों की कमी के कारण रोडवेज की आय आठ लाख से घटकर तीन से चार लाख प्रतिदिन रह गई है। मानसून काल के बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है। - आरके आर्या, एआरएम, पिथौरागढ़
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जिला मुख्यालय से टनकपुर मार्ग पर गुरुग्राम, देहरादून, दिल्ली, हरिद्वार, कानपुर, लखनऊ, बदायूं सहित बरेली के लिए 15 बसें संचालित होती थीं। अल्मोड़ा मार्ग पर भी दिल्ली और देहरादून के साथ ही मुनस्यारी-दिल्ली, गंगोलीहाट-दिल्ली और धारचूला-दिल्ली के लिए बसों का संचालन होता है। बरसात से पहले बसों से निगम को आठ लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती थी। सड़क में निर्माण कार्य एवं जगह-जगह बंद होने से रोडवेज बसों को टनकपुर पहुंचने में अब अधिक समय लग रहा है।
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कटिंग के कारण लगने वाले जाम को देखते हुए पिछले लंबे समय से अधिकतर यात्री सुबह के समय जीपों से मैदानी क्षेत्रों को निकल रहे हैं। इस कारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी कमी आई है। सड़क के बार-बार बाधित होने के चलते 42 सीटर आठ बसों को पिथौरागढ़ के बजाय टनकपुर से संचालित किया जा रहा है। इस समय 10 से 11 बसें ही मैदानी क्षेत्रों को जा रही हैं। एक से 15 अगस्त तक रोडवेज की 10 बसें यात्री नहीं होने से बस स्टेशन से वापस वर्कशाप भेजी गई।
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इस समय यात्रियों की कम संख्या है। इसके चलते कुछ बसों का संचालन टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए किया जा रहा है। मानसून अवधि में यात्रियों की कमी के कारण रोडवेज की आय आठ लाख से घटकर तीन से चार लाख प्रतिदिन रह गई है। मानसून काल के बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है। - आरके आर्या, एआरएम, पिथौरागढ़