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विकास की दौड़ में पिछड़ा बारमों गांव
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा से लगा बारमों गांव के लोग एक सड़क के लिए तक तरस कर रह गए हैं। लंबे समय से यह मांग पूरी न होने से नाराज लोग पर लोक सभा चुनाव में मतदान न करने की धमकी भी दे रहे हैं।
डीडीहाट विधानसभा के बारमों गांव के लिए बनने वाली मड़मानले-दोबांस-बारमों सड़क का शिलान्यास 24 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री ने किया था। 11 माह का समय बीत जाने के बाद अभी तक सड़क की डीपीआर भी नहीं बन पाई है। आज भी बारमों के लोग छह किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर धुर्चू, छड़नदेव, पीपली या दोबांस तक आते हैं। डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल का कहना है कि सड़क प्राथमिकता में है और इसका निर्माण जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव के पूर्व सैनिक खीम सिंह धामी ने कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण इस बार लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का मन बना चुके हैं। गांव में एक स्कूल है और उसमें शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की संख्या भी कम होती जा रही है। गांव में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं हैं।
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डीडीहाट विधानसभा के बारमों गांव के लिए बनने वाली मड़मानले-दोबांस-बारमों सड़क का शिलान्यास 24 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री ने किया था। 11 माह का समय बीत जाने के बाद अभी तक सड़क की डीपीआर भी नहीं बन पाई है। आज भी बारमों के लोग छह किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर धुर्चू, छड़नदेव, पीपली या दोबांस तक आते हैं। डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल का कहना है कि सड़क प्राथमिकता में है और इसका निर्माण जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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गांव के पूर्व सैनिक खीम सिंह धामी ने कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण इस बार लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का मन बना चुके हैं। गांव में एक स्कूल है और उसमें शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की संख्या भी कम होती जा रही है। गांव में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं हैं।
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