{"_id":"5bb25905867a5570ee098bb3","slug":"21538414853-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संस्थान को दस दिन बाद भी नहीं मिला फाल्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संस्थान को दस दिन बाद भी नहीं मिला फाल्ट
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। एनएच की सड़क कटिंग के मलबे से घाट पंपिंग योजना कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। मलबे और बोल्डरों से पाइप दबने के कारण पिछले दस दिनों से पानी लिफ्ट नहीं हो पा रहा है। तमाम प्रयासों के बावजूद जल संस्थान अब तक फाल्ट नहीं ढूंढ पाया है। इससे नगर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
पिथौरागढ़ नगर में घाट, आंवलाघाट और ठूलीगाड़ पंपिंग योजनाओं से पानी की आपूर्ति होती है। 40 साल पुरानी घाट पंपिंग योजना ऑलवेदर सड़क के निर्माण के मलबे से आए दिन क्षतिग्रस्त हो रही है। पाइप टूटने और मलबे में दबने से पिछले दस दिनों से आपूर्ति बंद पड़ी है।
इससे नगर क्षेत्र में आंवलाघाट और ठूलीगाड़ योजनाओं से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। घाट पंपिंग से पानी लिफ्ट नहीं होने के कारण कई इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। जल संस्थान क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है इसके बावजूद फाल्ट नहीं मिल रहा है। जल संस्थान के सहायक अभियंता विनीत जोशी ने बताया कि मलबे के कारण योजना के पाइप दब चुके हैं। जहां पर पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं उस स्थान पर नए पाइप बिछाए गए हैं। लाइन को चेक किया जा रहा है। मलबे और बोल्डरों के डंप के नीचे पाइप लाइन दबी है। इससे दिक्कतें आ रही हैं। जल्दी आपूर्ति सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़ नगर में घाट, आंवलाघाट और ठूलीगाड़ पंपिंग योजनाओं से पानी की आपूर्ति होती है। 40 साल पुरानी घाट पंपिंग योजना ऑलवेदर सड़क के निर्माण के मलबे से आए दिन क्षतिग्रस्त हो रही है। पाइप टूटने और मलबे में दबने से पिछले दस दिनों से आपूर्ति बंद पड़ी है।
विज्ञापन
इससे नगर क्षेत्र में आंवलाघाट और ठूलीगाड़ योजनाओं से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। घाट पंपिंग से पानी लिफ्ट नहीं होने के कारण कई इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। जल संस्थान क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है इसके बावजूद फाल्ट नहीं मिल रहा है। जल संस्थान के सहायक अभियंता विनीत जोशी ने बताया कि मलबे के कारण योजना के पाइप दब चुके हैं। जहां पर पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं उस स्थान पर नए पाइप बिछाए गए हैं। लाइन को चेक किया जा रहा है। मलबे और बोल्डरों के डंप के नीचे पाइप लाइन दबी है। इससे दिक्कतें आ रही हैं। जल्दी आपूर्ति सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन