{"_id":"5a8712734f1c1b9b248b5775","slug":"201518801523-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संस्थान ने पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड में शिकायत की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संस्थान ने पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड में शिकायत की
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। पेयजल स्रोत प्रदूषण पर पेयजल मंत्री प्रकाश पंत की सख्ती के बाद मशीनरी हरकत में आ गई है। इसके साथ ही एनजीटी मानकों के उल्लंघन पर सैन्य अस्पताल के ठेकेदार पर आपराधिक मामले में शिकंजा और कस दिया है। इसके तहत जल संस्थान ने उत्तराखंड पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड में मामला फाइल कर दिया है। बोर्ड के जरिये ही एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
ठुलीगाड़ में सैन्य अस्पताल का सीवरेज मिलने के खुलासे के बाद पेयजल मंत्री ने सख्त रुख दिखाया है। जन दबाव के बीच आरोपी ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज कराया गया। अब मामले को एनजीटी में ले जाने की कार्यवाही शुुरू कर दी है। मंत्री के निर्देश के बाद जल संस्थान ने पर्यावरण बोर्ड को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज कराई है। अब बोर्ड के स्तर से मामला एनजीटी में रखा जाएगा। दूसरी ओर कोतवाली में दर्ज आपराधिक मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
इसके तहत पुलिस जल संस्थान के अधिकारियों से संपर्क कर घटना से जुड़े तथ्य जुटा रही है। साथ ही जल संस्थान की विभागीय जांच रिपोर्ट भी तलब की है। इसी क्रम में पुलिस पानी के नमूनों की जांच भी कराएगी।
विज्ञापन
इधर, रई गधेरा प्रदूषण मामले में भी पेयजल मंत्री ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गंदगी फैलाने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर पालिका को गधेरे में गंदगी की रोकथाम के लिए पुख्ता कार्ययोजना बनाने को कहा है। गधेरे में जाने वाले नालों की नियमित सफाई के भी निर्देश दिए हैं।
रई गधेरा प्रदूषण में चिन्हीकरण के निर्देश
शुक्रवार को डीएम ने जल संस्थान और नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें ठुलीगाड़ पेयजल प्रदूषण और रई गधेरे में गंदगी के मामलों पर चर्चा हुई। डीएम ने जल संस्थान को ठुलीगाड़ पंपिंग योजना की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। इसके साथ ही जल संस्थान और नगर पालिका प्रशासन को रई गधेरे में गंदगी डालने वालों को चिन्हित करने को कहा। बैठक में जल स्रोतों में गंदगी डालने वालों के जल संयोजन काटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि चिन्हीकरण के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए जल स्रोतों में गंदगी डालने के मामले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ठुलीगाड़ मामले की शिकायत प्रदूषण बोर्ड केे जरिये एनजीटी में की जा रही है। रई गधेरा प्रदूषण पर जल संस्थान और नगर पालिका से तुरंत कार्रवाई को कहा है। गंदगी डालने वालों पर आपराधिक मामला चलाया जाएगा। -प्रकाश पंत, पेयजल मंत्री
ठुलीगाड़ में गंदगी डालने पर आपराधिक शिकंजा कस दिया गया है। पेयजल योजना की नियमित निगरानी कराई जा रही है। रई गधेरा में गंदगी डालने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। नगर पालिका, जल संस्थान संयुक्त रूप से चिन्हीकरण करेंगे। गंदगी की रोकथाम के साथ ही गंदगी डालने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले में कार्रवाई होगी। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़
विज्ञापन
ठुलीगाड़ में सैन्य अस्पताल का सीवरेज मिलने के खुलासे के बाद पेयजल मंत्री ने सख्त रुख दिखाया है। जन दबाव के बीच आरोपी ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज कराया गया। अब मामले को एनजीटी में ले जाने की कार्यवाही शुुरू कर दी है। मंत्री के निर्देश के बाद जल संस्थान ने पर्यावरण बोर्ड को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज कराई है। अब बोर्ड के स्तर से मामला एनजीटी में रखा जाएगा। दूसरी ओर कोतवाली में दर्ज आपराधिक मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
इसके तहत पुलिस जल संस्थान के अधिकारियों से संपर्क कर घटना से जुड़े तथ्य जुटा रही है। साथ ही जल संस्थान की विभागीय जांच रिपोर्ट भी तलब की है। इसी क्रम में पुलिस पानी के नमूनों की जांच भी कराएगी।
विज्ञापन
इधर, रई गधेरा प्रदूषण मामले में भी पेयजल मंत्री ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गंदगी फैलाने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर पालिका को गधेरे में गंदगी की रोकथाम के लिए पुख्ता कार्ययोजना बनाने को कहा है। गधेरे में जाने वाले नालों की नियमित सफाई के भी निर्देश दिए हैं।
रई गधेरा प्रदूषण में चिन्हीकरण के निर्देश
शुक्रवार को डीएम ने जल संस्थान और नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें ठुलीगाड़ पेयजल प्रदूषण और रई गधेरे में गंदगी के मामलों पर चर्चा हुई। डीएम ने जल संस्थान को ठुलीगाड़ पंपिंग योजना की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। इसके साथ ही जल संस्थान और नगर पालिका प्रशासन को रई गधेरे में गंदगी डालने वालों को चिन्हित करने को कहा। बैठक में जल स्रोतों में गंदगी डालने वालों के जल संयोजन काटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि चिन्हीकरण के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए जल स्रोतों में गंदगी डालने के मामले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ठुलीगाड़ मामले की शिकायत प्रदूषण बोर्ड केे जरिये एनजीटी में की जा रही है। रई गधेरा प्रदूषण पर जल संस्थान और नगर पालिका से तुरंत कार्रवाई को कहा है। गंदगी डालने वालों पर आपराधिक मामला चलाया जाएगा। -प्रकाश पंत, पेयजल मंत्री
ठुलीगाड़ में गंदगी डालने पर आपराधिक शिकंजा कस दिया गया है। पेयजल योजना की नियमित निगरानी कराई जा रही है। रई गधेरा में गंदगी डालने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। नगर पालिका, जल संस्थान संयुक्त रूप से चिन्हीकरण करेंगे। गंदगी की रोकथाम के साथ ही गंदगी डालने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले में कार्रवाई होगी। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़