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मानसून से पहले आई बाढ़ सुरक्षा की याद
Updated Thu, 10 May 2018 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़/मुनस्यारी। प्रशासन को मानसून से पहले रामगंगा नदी में बाढ़ सुरक्षा की याद आई है। प्रशासन ने अब जाकर नदी से चुगान का फैसला किया है। चुगान की निविदा की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, बाढ़ सुरक्षा कार्य के समय को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
इस साल भी मुनस्यारी में प्रवाहित होने वाली रामगंगा में भारी मात्रा में उपखनिज है। भू-क्षरण और कटाव से नदी के बीचोंबीच अत्यधिक मलबा एकत्र हो गया है। इससे नदी अपना स्थान छोड़कर दाई और बाई ओर बह रही है। मानसून काल को देखते हुए नदी से सटे भैंसखाल और देकुना को खतरा बना हुआ है। साथ ही मोटर मार्ग और पुल को भी खतरा बना है। इस पर ग्रामीण पिछले कई माह से प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा कार्य की मांग करते आ रहे थे, लेकिन बाढ़ सुरक्षा कार्य को मंजूरी नहीं मिल पाई। प्रशासन ने अब मानसून काल के ठीक एक माह पहले नदी के दो प्रभावित स्थलों से चुगान को मंजूरी दी है।
इसके तहत आबादी, सड़क और पुल को खतरा बने उपखनिज का दोहन किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को निविदा खोली जाएगी। इधर, प्रभावित ग्राम भैंसखाल की प्रधान चंद्रकला देवी ने बाढ़ सुरक्षा कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं। कहा कि प्रशासन को मानसून से एक माह पहले बाढ़ सुरक्षा की याद आई है।
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समय रहते सुरक्षा कार्य होने चाहिए थे। इस मामले में एसडीएम केके गोस्वामी का कहना है कि बागेश्वर से सीमा विवाद के चलते पहले चुगान को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब परिसीमन के बाद चुगान को मंजूरी दे दी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मानसून से पहले सुरक्षा कार्य संपन्न हो जाएंगे।
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इस साल भी मुनस्यारी में प्रवाहित होने वाली रामगंगा में भारी मात्रा में उपखनिज है। भू-क्षरण और कटाव से नदी के बीचोंबीच अत्यधिक मलबा एकत्र हो गया है। इससे नदी अपना स्थान छोड़कर दाई और बाई ओर बह रही है। मानसून काल को देखते हुए नदी से सटे भैंसखाल और देकुना को खतरा बना हुआ है। साथ ही मोटर मार्ग और पुल को भी खतरा बना है। इस पर ग्रामीण पिछले कई माह से प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा कार्य की मांग करते आ रहे थे, लेकिन बाढ़ सुरक्षा कार्य को मंजूरी नहीं मिल पाई। प्रशासन ने अब मानसून काल के ठीक एक माह पहले नदी के दो प्रभावित स्थलों से चुगान को मंजूरी दी है।
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इसके तहत आबादी, सड़क और पुल को खतरा बने उपखनिज का दोहन किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को निविदा खोली जाएगी। इधर, प्रभावित ग्राम भैंसखाल की प्रधान चंद्रकला देवी ने बाढ़ सुरक्षा कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं। कहा कि प्रशासन को मानसून से एक माह पहले बाढ़ सुरक्षा की याद आई है।
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समय रहते सुरक्षा कार्य होने चाहिए थे। इस मामले में एसडीएम केके गोस्वामी का कहना है कि बागेश्वर से सीमा विवाद के चलते पहले चुगान को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। अब परिसीमन के बाद चुगान को मंजूरी दे दी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मानसून से पहले सुरक्षा कार्य संपन्न हो जाएंगे।