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विकास प्राधिकरण के विरोध में फिर हुआ प्रदर्शन
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:46 PM IST
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ को विकास प्राधिकरण का देने के विरोध में शनिवार को यहां फिर प्रदर्शन हुआ। पिथौरागढ़ विकास संघर्ष समिति ने कहा कि विकास प्राधिकरण लागू होने से यहां हर व्यक्ति की मुसीबत बढ़ जाएगी। जनता पर अतिरिक्त करों का बोझ लादा जाएगा। विकास शुल्क, मानचित्र शुल्क, व्यावसायिक निर्माण के शुल्क बढ़ जाएंगे। प्राधिकरण से किसी प्रकार का विकास संभव नहीं है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने कहा कि अभी लोग विकास प्राधिकरण के नुकसान से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। जब उन पर करों का बोझ लादा जाएगा, तब उनकी समझ में आएगा कि प्राधिकरण का असली मकसद क्या था। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सरकार के इस फैसले के विरोध में एकजुट हो जाएं और इसे निरस्त कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं।
समिति के प्रवक्ता नीरज मेहता ने कहा कि अब घर-घर जाकर लोगों को विकास प्राधिकरण के नुकसान बताए जाएंगे। प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, धीरज कार्की, निखिल सार्की, आशीष सुरकाली, पवन शर्मा, रवि मेहता, मुकेश सिंह, सुरेंद्र राणा आदि थे।
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विकास प्राधिकरण के विरोध में कल बैठक
विकास प्राधिकरण के विरोध में 27 नवंबर को नगरपालिका हाल में बैठक होगी। बैठक में कई संगठनों को बुलाया गया है। जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट और सचिव अजय बोहरा ने कहा कि जबरन थोपे जा रहे प्राधिकरण का पुरजोर विरोध होगा और इसे वापस लेने के लिए सरकार को बाध्य किया जाएगा।
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संघर्ष समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने कहा कि अभी लोग विकास प्राधिकरण के नुकसान से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। जब उन पर करों का बोझ लादा जाएगा, तब उनकी समझ में आएगा कि प्राधिकरण का असली मकसद क्या था। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सरकार के इस फैसले के विरोध में एकजुट हो जाएं और इसे निरस्त कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं।
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समिति के प्रवक्ता नीरज मेहता ने कहा कि अब घर-घर जाकर लोगों को विकास प्राधिकरण के नुकसान बताए जाएंगे। प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, धीरज कार्की, निखिल सार्की, आशीष सुरकाली, पवन शर्मा, रवि मेहता, मुकेश सिंह, सुरेंद्र राणा आदि थे।
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विकास प्राधिकरण के विरोध में कल बैठक
विकास प्राधिकरण के विरोध में 27 नवंबर को नगरपालिका हाल में बैठक होगी। बैठक में कई संगठनों को बुलाया गया है। जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट और सचिव अजय बोहरा ने कहा कि जबरन थोपे जा रहे प्राधिकरण का पुरजोर विरोध होगा और इसे वापस लेने के लिए सरकार को बाध्य किया जाएगा।