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भारत के गांव में नेपाल के सिम पर ट्रिन-ट्रिन
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 19 Sep 2013 09:30 PM IST
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन और नेपाल सीमा में मूलभूत सुविधाओं का हाल विधायकों ने विधानसभा सत्र के दूसरे दिन रखा है।
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के कई क्षेत्रों का हाल कम्युनिकेशन के मामले में बदहाल है। हालात यह हैं कि लोगों को नेपाल की मोबाइल सिम खरीद कर चलानी पड़ती है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला
ऐसे में विदेशी सिम के इस्तेमाल करना जहां मजबूरी है वहीं यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा का भी है। सीमांत जनपदों में सड़कों की बदहाल स्थिति के बाद अब दूरसंचार व्यवस्था के हाल को भाजपा ने उठाया है।
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भाजपा विधायक अजय टम्टा ने कहा कि नेपाल से जुड़े सीमांत क्षेत्रों में तो वहां के मोबाइल सिम से ही बात करती पड़ रही है।
सुधारने का कार्य नहीं
आपदा के बाद भी व्यवस्था को सुधारने का कार्य नहीं किया गया। टम्टा ने कहा कि क्षेत्र में अपने मोबाइल फोन किसी काम के नहीं है।
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उन्होंने धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह तो लगातार इस परेशानी को झेल रहे हैं। सीमांत जनपदों में मूलभूत सुविधाएं मजबूत न होने मामले को विपक्ष के कई विधायकों ने संवेदनशील करार दिया है।
राहत कार्य में नेपाल हमसे आगे
विपक्ष के विधायकों ने आपदा पर हुई चर्चा में यह बात भी रखी कि बाढ़ से नेपाल की तरफ भी सड़कें और पुल बहे थे, लेकिन उन्होंने अपने सारे सड़क मार्ग एक माह के भीतर चालू कर दिए।
एक विधायक ने कहा कि आर्थिक तौर पर हमसे कमजोर माने जाने वाले देश नेपाल ने तेजी से काम किया लेकिन हम तमाम साधन होने के बावजूद सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच नहीं बना पाए।