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मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों को कर रहे अपग्रेड
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मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कार्यशाला का शुभारंभ करते प्राचार्य डा. सीएमएस रावत व अन्य।
- फोटो : SHRINAGAR
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एटकॉम (एटिट्यूड, एथिक्स एवं कम्युनिकेशन) रिवाइज्ड बेसिक कोर्स कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला में तीन मेडिकल कॉलेजों के 30 संकाय सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं।
एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के निर्देश पर संकाय सदस्यों को चिकित्सा शिक्षा से संबंधित नवीन तरीकों से अवगत कराने और नवीन पाठ्यक्रमों के मुताबिक संकाय सदस्यों को अपग्रेड करने के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें हिमालयन मेडिकल कॉलेज जॉलीग्रांट को नोडल संस्थान बनाया गया है।
बुधवार को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसमें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 20, राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर के छह और राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के चार संकाय सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पहले मरीजों के शारीरिक परीक्षण के साथ ही मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक पहलू का ध्यान रखा जाता था, लेकिन वर्तमान में सिर्फ शारीरिक परीक्षण पर ही ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर नोडल संस्थन की पर्यवेक्षक डॉ. जूही कालरा, समन्वयक डॉ. किंग्सुक लाहोन, डॉ. पवन बट्ट और डॉ. चित्रा जोशी आदि मौजूद थे।
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एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के निर्देश पर संकाय सदस्यों को चिकित्सा शिक्षा से संबंधित नवीन तरीकों से अवगत कराने और नवीन पाठ्यक्रमों के मुताबिक संकाय सदस्यों को अपग्रेड करने के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें हिमालयन मेडिकल कॉलेज जॉलीग्रांट को नोडल संस्थान बनाया गया है।
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बुधवार को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसमें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 20, राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर के छह और राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के चार संकाय सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पहले मरीजों के शारीरिक परीक्षण के साथ ही मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक पहलू का ध्यान रखा जाता था, लेकिन वर्तमान में सिर्फ शारीरिक परीक्षण पर ही ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर नोडल संस्थन की पर्यवेक्षक डॉ. जूही कालरा, समन्वयक डॉ. किंग्सुक लाहोन, डॉ. पवन बट्ट और डॉ. चित्रा जोशी आदि मौजूद थे।
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