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पीजी करने गए दो डाक्टर मूल तैनाती पर नहीं लौटे, विभाग ने की कार्रवाई की तैयारी
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पीजी करने गए दो डॉक्टर कोर्स पूरा होने के बाद मूल तैनाती पर नहीं लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लापता डाक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभाग दो बार डॉक्टरों की सार्वजनिक सूचना भी जारी कर चुका है। सीएमओ डा. प्रवीण कुमार ने कहा कि पीजी कोर्स करने के बाद मूल तैनाती पर नहीं लौटे दोनों डॉक्टरों को 15 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित समय में दोनों डॉक्टर स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय में तैनाती नहीं देते, तो रिकवरी सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि डा. श्रीयांश सैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खिर्सू और डा. अश्वनी चौहान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए बंचूरी पौड़ी में मूल रूप से तैनात हैं। कहा डा. सैनी वर्ष 2018 और डा. चौहान वर्ष 2017 में पीजी कोर्स करने के लिए गए थे, लेकिन अभी तक मूल तैनाती पर नहीं लौटे हैं। जबकि कोर्स की अधिकतम सीमा पूर्ण हो चुकी है।बताया दोनों डाक्टर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के नियमित बांडधारी डॉक्टर हैं। 15 दिन में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय देहरादून में दोनों डॉक्टर उपस्थिति नहीं देते हैं, तो उनके विरुद्ध रिकवरी, अनुशासनात्मक/सेवा समाप्ति की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीएमओ ने कहा कि इसके अलावा जिन चिकित्सकों की ओर से त्याग पत्र दिया गया है, लेकिन उनका त्यागपत्र सक्षम अधिकारी की ओर से आज तक स्वीकृत नहीं किया है, वे भी अनिवार्य रूप से साक्ष्य सहित रिपोर्ट उपस्थिति दर्ज कराए, नहीं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि डा. श्रीयांश सैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खिर्सू और डा. अश्वनी चौहान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए बंचूरी पौड़ी में मूल रूप से तैनात हैं। कहा डा. सैनी वर्ष 2018 और डा. चौहान वर्ष 2017 में पीजी कोर्स करने के लिए गए थे, लेकिन अभी तक मूल तैनाती पर नहीं लौटे हैं। जबकि कोर्स की अधिकतम सीमा पूर्ण हो चुकी है।बताया दोनों डाक्टर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के नियमित बांडधारी डॉक्टर हैं। 15 दिन में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय देहरादून में दोनों डॉक्टर उपस्थिति नहीं देते हैं, तो उनके विरुद्ध रिकवरी, अनुशासनात्मक/सेवा समाप्ति की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीएमओ ने कहा कि इसके अलावा जिन चिकित्सकों की ओर से त्याग पत्र दिया गया है, लेकिन उनका त्यागपत्र सक्षम अधिकारी की ओर से आज तक स्वीकृत नहीं किया है, वे भी अनिवार्य रूप से साक्ष्य सहित रिपोर्ट उपस्थिति दर्ज कराए, नहीं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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