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जनसुनवाई में जन प्रतिनिधियों ने दर्ज करवाई आपत्ति
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नगर निगम को लेकर दर्ज आपत्तियों पर तहसील मुख्यालय श्रीनगर में जनसुनवाई आयोजित हुई। इसमें सात गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों समेत पालिका क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने नगर निगम को मानकों के विपरीत बताते हुए विरोध दर्ज करवाया।
सोमवार को सरकार के दिशा निर्देश पर जिलाधिकारी पौड़ी डा. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में नगर निगम के खिलाफ दर्ज करीब 439 आपत्तियों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। ब्लॉक प्रमुख खिर्सू भवानी गायत्री ने आरोप लगाया कि सरकार निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा नहीं होने देना चाहती है। साथ ही विकास खंड खिर्सू का अस्तित्व भी समाप्त करना चाहती है। वर्तमान में खिर्सू ब्लॉक में 20 क्षेत्र पंचायतें है। तीन नगर निगम में शामिल होने से यह मानक कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर से 15 किमी. दूर के गांवों को भी नगर निगम में शामिल किया जाना न्यायोचित नहीं है।
ग्राम सभा स्वीत प्रधान राजेंद्र मोहन ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने वाली ग्राम सभाओं के लोगों को कई दिक्कतों से गुजरना पड़ेगा। कांग्रेस नेता प्रदीप तिवारी ने कहा कि श्रीनगर को जो नगर निगम बनाया जा रहा है वह मानकों को पूरा नहीं करता है। निगम को लेकर जनसंख्या पूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक में डीपीआरओ व अधिशासी अभियंता तक मौजूद नहीं है। उन्होंने जनसुनवाई को केवल खाली खाना पूर्ति बताया। नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवारी ने कहा कि नगर पालिका के बोर्ड में नगर निगम को लेकर कोई प्रस्ताव पारित तक नहीं किया गया है। जबकि यह नगर निगम मानकों के विपरीत बनाया जा रहा है। जिन गांवों को नगर निगम में शामिल किया जा रहा है वहां के शतप्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। वहीं ग्राम प्रधान वैद्यगांव पुष्पा उनियाल, ममता रावत, अक्षय उनियाल, सभासद हरि सिंह मियां व संजय कुमार, विनोद मैठाणी ने कहा कि गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने पर मनरेगा से भरण पोषण करने वाले लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस मौके पर प्रभारी एसडीएम आकाश जोशी, पालिका के प्रभारी ईओ रोहिताश शर्मा, सभासद राकेश सेमवाल, बृजमोहन, सुभाष व पूर्व प्रधान राकेश आदि मौजूद रहे।
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कोट
नगर निगम को लेकर 439 आपत्तियां दर्ज हुई थीं। उनके निस्तारण के लिए सोमवार को जन सुनवाई आयोजित की गई। लोगों की शिकायतों को सुना गया। आपत्तियों व इनके निस्तारण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
डा. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी पौड़ी।
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सोमवार को सरकार के दिशा निर्देश पर जिलाधिकारी पौड़ी डा. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में नगर निगम के खिलाफ दर्ज करीब 439 आपत्तियों पर जनसुनवाई आयोजित की गई। ब्लॉक प्रमुख खिर्सू भवानी गायत्री ने आरोप लगाया कि सरकार निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा नहीं होने देना चाहती है। साथ ही विकास खंड खिर्सू का अस्तित्व भी समाप्त करना चाहती है। वर्तमान में खिर्सू ब्लॉक में 20 क्षेत्र पंचायतें है। तीन नगर निगम में शामिल होने से यह मानक कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर से 15 किमी. दूर के गांवों को भी नगर निगम में शामिल किया जाना न्यायोचित नहीं है।
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ग्राम सभा स्वीत प्रधान राजेंद्र मोहन ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने वाली ग्राम सभाओं के लोगों को कई दिक्कतों से गुजरना पड़ेगा। कांग्रेस नेता प्रदीप तिवारी ने कहा कि श्रीनगर को जो नगर निगम बनाया जा रहा है वह मानकों को पूरा नहीं करता है। निगम को लेकर जनसंख्या पूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक में डीपीआरओ व अधिशासी अभियंता तक मौजूद नहीं है। उन्होंने जनसुनवाई को केवल खाली खाना पूर्ति बताया। नगर पालिका अध्यक्ष पूनम तिवारी ने कहा कि नगर पालिका के बोर्ड में नगर निगम को लेकर कोई प्रस्ताव पारित तक नहीं किया गया है। जबकि यह नगर निगम मानकों के विपरीत बनाया जा रहा है। जिन गांवों को नगर निगम में शामिल किया जा रहा है वहां के शतप्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। वहीं ग्राम प्रधान वैद्यगांव पुष्पा उनियाल, ममता रावत, अक्षय उनियाल, सभासद हरि सिंह मियां व संजय कुमार, विनोद मैठाणी ने कहा कि गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने पर मनरेगा से भरण पोषण करने वाले लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस मौके पर प्रभारी एसडीएम आकाश जोशी, पालिका के प्रभारी ईओ रोहिताश शर्मा, सभासद राकेश सेमवाल, बृजमोहन, सुभाष व पूर्व प्रधान राकेश आदि मौजूद रहे।
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नगर निगम को लेकर 439 आपत्तियां दर्ज हुई थीं। उनके निस्तारण के लिए सोमवार को जन सुनवाई आयोजित की गई। लोगों की शिकायतों को सुना गया। आपत्तियों व इनके निस्तारण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
डा. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी पौड़ी।