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निजी शिक्षण संस्थानों ने निरीक्षण शुल्क पर जताया एतराज
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एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट उत्तराखंड ने एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से निरीक्षण शुल्क और निरीक्षण समिति पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि विवि वर्तमान शिक्षण सत्र के बजाय पिछले शिक्षण सत्र के निरीक्षण की बात कर रहा है। इसके लिए प्रत्येक निरीक्षणकर्ता को संस्थान की ओर से 17 हजार 300 रुपये का भुगतान करना होगा जो उचित नहीं है। यदि जबरदस्ती की जाएगी तो एसोसिएशन कोर्ट चला जाएगा। एसोसिएशन ने संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 31 अक्तूबर तक करने की मांग की है।
मंगलवार को विभिन्न जिलों से आए 20 निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इस मसले पर गढ़वाल विवि के कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी के साथ बैठक की। बैठक के बाद एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार निजी संस्थानों की संबद्धता विस्तारण सत्र 2020-21 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं जबकि अब सत्र 2021-22 शुरू हो रहा है। विवि निजी शिक्षण संस्थानों से इसके लिए प्रति कोर्स प्रति निरीक्षणकर्ता 17 हजार 300 रुपये जमा करने के लिए कह रहा है। एक कोर्स के निरीक्षण में 5 सदस्य शामिल होंगे। यानी एक कोर्स के लिए निरीक्षण शुल्क 86 हजार 500 रुपये देना होगा। इसके अलावा 5 हजार रुपये संबद्धता शुल्क अलग है। संस्थानों पर अनुचित आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विवि के एक्ट के अनुसार, निजी शिक्षण संस्थान विवि से संबद्ध है। उन्हें आरक्षित वर्ग के समाज कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए संबद्धता प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ रही है। समाज कल्याण विभाग वर्तमान सत्र का संबद्धता प्रमाण पत्र मांग रहा है। उन्होंने बताया कि विवि से वर्तमान शिक्षण सत्र का संबद्धता प्रमाण पत्र मांगा गया है। इसके लिए वह प्रति कोर्स 5 हजार रुपये संबद्धता शुल्क देने को तैयार हैं। इस मौके पर रुड़की से प्रमोद अग्रवाल, हरिद्वार से संदीप चौधरी, लक्सर से अंबरीष गर्ग, देहरादून से निशांत थपलियाल, जितेंद्र यादव, कोटद्वार से अजयपाल सिंह रावत, जलज गौड़, सौरभ भूषण, सुनील सैनी और श्रीनगर से विजय रावल आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को विभिन्न जिलों से आए 20 निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने इस मसले पर गढ़वाल विवि के कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी के साथ बैठक की। बैठक के बाद एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के अनुसार निजी संस्थानों की संबद्धता विस्तारण सत्र 2020-21 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं जबकि अब सत्र 2021-22 शुरू हो रहा है। विवि निजी शिक्षण संस्थानों से इसके लिए प्रति कोर्स प्रति निरीक्षणकर्ता 17 हजार 300 रुपये जमा करने के लिए कह रहा है। एक कोर्स के निरीक्षण में 5 सदस्य शामिल होंगे। यानी एक कोर्स के लिए निरीक्षण शुल्क 86 हजार 500 रुपये देना होगा। इसके अलावा 5 हजार रुपये संबद्धता शुल्क अलग है। संस्थानों पर अनुचित आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि विवि के एक्ट के अनुसार, निजी शिक्षण संस्थान विवि से संबद्ध है। उन्हें आरक्षित वर्ग के समाज कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए संबद्धता प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ रही है। समाज कल्याण विभाग वर्तमान सत्र का संबद्धता प्रमाण पत्र मांग रहा है। उन्होंने बताया कि विवि से वर्तमान शिक्षण सत्र का संबद्धता प्रमाण पत्र मांगा गया है। इसके लिए वह प्रति कोर्स 5 हजार रुपये संबद्धता शुल्क देने को तैयार हैं। इस मौके पर रुड़की से प्रमोद अग्रवाल, हरिद्वार से संदीप चौधरी, लक्सर से अंबरीष गर्ग, देहरादून से निशांत थपलियाल, जितेंद्र यादव, कोटद्वार से अजयपाल सिंह रावत, जलज गौड़, सौरभ भूषण, सुनील सैनी और श्रीनगर से विजय रावल आदि मौजूद थे।
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