फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Pauri's nine locks can be hanged in ITI

जनपद के 9 आईटीआई संस्थानों पर जल्द लटक सकते हैं ताले

Tue, 17 Dec 2019 10:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2019 10:48 PM IST
विज्ञापन
Pauri's nine locks can be hanged in ITI
जनपद के नौ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में जल्द ताले लटक सकते हैं। प्रशिक्षण सत्र 2019-20 के लिए इन संस्थानों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। पिछले वर्ष भी इनमें से अधिकतर संस्थान बिना प्रवेश के ही रहे। विभाग इन संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले करने में जुटा है। इससे भी इन संस्थानों के बंद होने की खबरों को बल मिल रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मामले में सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। प्रभारी नोडल अधिकारी तकनीकी शिक्षा हितिका त्यागी ने बताया कि जनपद के नौ आईटीआई संस्थानों में प्रशिक्षण सत्र 2019-20 में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है, इसकी सूचना निदेशालय व शासन को भेज दी गई है।
विज्ञापन

जिले में 16 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से नौ संस्थानों में प्रशिक्षण सत्र 2019-20 में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। जनपद के आईटीआई परसुंडाखाल, रिखणीखाल, पाबौ, कांसखेत, बूंगीधार, गैण्डखाल, यमकेश्वर, द्वारीखाल व पैठाणी संस्थान इनमें शामिल हैं। इन संस्थानों में से अधिकतर संस्थान प्रशिक्षण सत्र 2018-19 में भी बिना प्रवेश के ही रहे। तकनीकी शिक्षा प्रशासन इन संस्थानों के शिक्षकों का समायोजन अन्यत्र संस्थानों में कर चुका है। विगत दिनों आईटीआई पाबौ में तकनीकी शिक्षा प्रशासन के कर्मचारी फर्नीचर हटाने के लिए पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के जोरदार विरोध के बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता बलवीर सिंह जैंतवाल ने बताया कि सरकार आईटीआई प्रशिक्षण संस्थानों को बंद करने की साजिश कर रही है।
विज्ञापन

बाक्स----------------------------
गोदियाल ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक गणेश गोदियाल ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आईटीआई बूंगीधार, पाबौ व पैठाणी को बंद किए जाने का गुपचुप आदेश जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘हमने क्षेत्र में विकास के पौधे रोपे थे, लेकिन सरकार उन पौधों की जड़ों में पानी डालने के बजाय उन्हें सुखाने का काम कर रही है’।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed