पालिका कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के कार्य बहिष्कार से जहां लोग आवश्यक प्रमाण पत्रों के लिए परेशान हैं, वहीं विगत नौ दिनों से शहर के विभिन्न स्थानों पर फैले कूड़े की बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। अब व्यापार सभा और अन्य लोगों की ओर से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार को वेतन भुगतान की मांग के लिए तीसरे दिन भी पालिका कर्मचारी और पर्यावरण मित्रों का कार्यबष्किार जारी रहा। पालिका परिसर में धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि जब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, वह कार्य पर नहीं लौटेंगे। वहीं पर्यावरण मित्रों के कार्यबहिष्कार से व्यापार सभा डांग ने सेंद्रीगाढ में स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान व्यापार सभा ने स्थानीय लोगों से अनुरोध किया कि जब तक पर्यावरण मित्रों का कार्य बहिष्कार समाप्त नहीं हो जाता, तब तक घरेलू कूड़े को बोरो में भरकर रखे। इस दौरान स्वच्छता ब्रॉड एबेंसेडर डा. बीपी नैथानी की टीम ने भी नगर के गणेश बाजार, गोला बाजार, सब्जीमंडी, काला रोड़, वीरचंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग पर स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने नाली और सड़कों के किनारे फैले कूड़े को एकत्रित कर अपने वाहन से डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया। समस्या पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया के डा. मुकेश सेमवाल, संदीप कुमार और संतोष नेगी ने कहा कि शहर के लोग नगर निगम और नगर पालिका के बीच पिस रहे हैं। दस दिनों से कूड़ा न उठने पर नगर के लोगों का बदबू से जीना मुश्किल हो गया है। मीडिया की ओर से भी समस्या को प्रमुखता से उठाया जा रहा है, लेकिन नगर की इस गंभीर समस्या को अब तक किसी ने गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में जल्द समस्या का हल न किए जाने पर उग्र जन आंदोलन की चेतावनी दी है।