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मानदेय पांच हजार किए जाने के निर्णय का जारी करें शासनादेश
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मुख्यालय में भोजन माताएं सरकार पर जमकर बरसी। उन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किए जाने सहित अन्य समस्याओं का समाधान जल्द किए जाने की मांग की है। भोजन माताओं ने शिक्षा मंत्री के पांच हजार मानदेय के निर्णय का जल्द शासनादेश जारी करने की मांग की।
मंगलवार को सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष रोशनी बिष्ट व जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या जुयाल ने बताया कि यूनियन भोजन माताओं को न्यूनतम वेतन 18 हजार दिए जाने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किए जाने, सामाजिक सुरक्षा दिए जाने, मध्याह्न भोजन योजना का निजीकरण न किए जाने, भोजन माताओं को हटाए जाने पर रोक लगाने के साथ ही हटाई गई भोजन माताओं को वापस सेवा में लिए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने भोजन माताओं का मानदेय दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार किए जाने का निर्णय लिया है। यूनियन को सीटू के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत व जिला महामंत्री देवानंद नौटियाल ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों में अनुसूया देवी, मंजू देवी, लीला देवी, सरोजनी देवी, देवेश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, उर्मिला चमोली, टीका प्रसाद आदि शामिल रहे।
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मंगलवार को सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष रोशनी बिष्ट व जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या जुयाल ने बताया कि यूनियन भोजन माताओं को न्यूनतम वेतन 18 हजार दिए जाने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किए जाने, सामाजिक सुरक्षा दिए जाने, मध्याह्न भोजन योजना का निजीकरण न किए जाने, भोजन माताओं को हटाए जाने पर रोक लगाने के साथ ही हटाई गई भोजन माताओं को वापस सेवा में लिए जाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने भोजन माताओं का मानदेय दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार किए जाने का निर्णय लिया है। यूनियन को सीटू के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत व जिला महामंत्री देवानंद नौटियाल ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों में अनुसूया देवी, मंजू देवी, लीला देवी, सरोजनी देवी, देवेश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, उर्मिला चमोली, टीका प्रसाद आदि शामिल रहे।
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