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Pauri News: जंगलाें के बीच आग प्रतिरोधी पौधे उगाए जाएं तो बचेगा पर्यावरण
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पौड़ी। पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी काॅलेजों के साथ ही माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में अनिवार्य रूप में पर्यावरण संरक्षण पर दो क्लास हर हफ्ते होनी चाहिए। जिससे कि बच्चों को स्कूली जीवन से ही पेड़-पौंधों का मानव व पशु पक्षियों पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी मिल सके। यह विचार अमर उजाला फाउंडेशन के संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रखे।गढ़वाल केंद्रीय विवि के बीजीआर परिसर में पर्यावरण संरक्षण में छात्रों के योगदान विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। रसायन विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक डॉ. गौरम कुमार ने छात्रों को पर्यावरण की महत्त से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मानवीय हस्तक्षेप से पर्यावरण लगातार प्रभावित हो रहा है।
पर्यावरण के बदलते स्वरूप से मनुष्य, पशु पक्षियों व वनस्पतियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। वहीं छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण के संरक्षण को लेकर छोटी कक्षाओं से ही जनजागरूकता जैसे कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। कहा कि बच्चों को हफ्ते में दो बार प्रयोगात्मक व सैद्धांतिक रूप से पेड़ पौधों का महत्व बताया जाना अनिवार्य है। एमएससी द्वितीय के छात्र अमोघ बहुगुणा ने जंगलों को आग से बचाने के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाए जाने की बात कही। कहा कि जंगलों के बीच में आग प्रतिरोधी पौधों की प्रजातियों को उगाया जाना चाहिए। जिसमें लॉजपोल पाइन, यूकेलिप्टस, बैंक्सिया, बिगलीफ मेपल आदि प्रजातियां शामिल हैं। कहा कि पर्यावरण बचेगा तो पृथ्वी बचेगी और मनुष्य बचेगा। इस मौके पर हंसिका, अनुराग बमराड़ा, अमोघ बहुगुणा, रिशिका आदि ने विचार रखे।
पर्यावरण के बदलते स्वरूप से मनुष्य, पशु पक्षियों व वनस्पतियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। वहीं छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण के संरक्षण को लेकर छोटी कक्षाओं से ही जनजागरूकता जैसे कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। कहा कि बच्चों को हफ्ते में दो बार प्रयोगात्मक व सैद्धांतिक रूप से पेड़ पौधों का महत्व बताया जाना अनिवार्य है। एमएससी द्वितीय के छात्र अमोघ बहुगुणा ने जंगलों को आग से बचाने के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाए जाने की बात कही। कहा कि जंगलों के बीच में आग प्रतिरोधी पौधों की प्रजातियों को उगाया जाना चाहिए। जिसमें लॉजपोल पाइन, यूकेलिप्टस, बैंक्सिया, बिगलीफ मेपल आदि प्रजातियां शामिल हैं। कहा कि पर्यावरण बचेगा तो पृथ्वी बचेगी और मनुष्य बचेगा। इस मौके पर हंसिका, अनुराग बमराड़ा, अमोघ बहुगुणा, रिशिका आदि ने विचार रखे।
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