{"_id":"6ae324930b9c3abd93024aea","slug":"even-after-five-years-three-villages-did-not-get-the-benefit-of-drinking-water-scheme-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-127996-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: पांच साल बाद भी तीन गांवों को नहीं मिला पेयजल योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: पांच साल बाद भी तीन गांवों को नहीं मिला पेयजल योजना का लाभ
विज्ञापन
सुधीर रावत
श्रीनगर। खिर्सू ब्लॉक की ग्रामसभा रामपुर के कांडा, गंवाणा और रामपुर गांवों को ढिकालगांव पेयजल पंपिंग योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। विकासखंड के 110 गांवों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 27.57 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस योजना की टेस्टिंग वर्ष 2021 में हुई थी और जनवरी 2022 में पेयजल निगम ने इसे जलसंस्थान को हस्तांतरित कर दिया था। इसके बावजूद इन तीन गांवों में लगे नलों में आज तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
ग्रामसभा के 40 से अधिक परिवारों के लिए पानी जुटाना चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में टेस्टिंग के दौरान नलों में पानी आया था, लेकिन इसके बाद से आपूर्ति नहीं हुई। पेयजल संकट के चलते ग्रामीणों को प्राकृतिक जलस्रोतों और ग्रेविटी लाइनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मियों में पानी की अधिक आवश्यकता और स्रोतों पर घटते जलस्तर से इन गांवों में पेयजल संकट गहरा जाता है। ग्राम प्रधान अनूप कपरुवाण ने बताया कि तीनों गांवों के बीच कांडईखाल प्राथमिक विद्यालय के समीप निर्माणदायी कंपनी से टैंक बनाने का अनुरोध निर्माणदायी संस्था से किया गया था, ताकि गांवों में पेयजल आपूर्ति हो सके, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई। कांडा के रविंद्र रौतेला ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से कई बार वार्ता करने के साथ ही बीडीसी खिर्सू की बैठक में भी समस्या उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। रामपुर के अब्बल सिंह रावत ने कहा कि टेस्टिंग के बाद से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है।
-- -- --
इस योजना की पेयजल लाइनों से इन गांवों में ग्रेविटी का पानी जोड़ा गया है। योजना से छूटे गांवों में आपूर्ति करने और अन्य खामियों को दूर करने के लिए सवा चार करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जल्द ही कमियों को दूर कर इन गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
विज्ञापन
-आयुष कंडारी, जेई जलसंस्थान, श्रीनगर
विज्ञापन
श्रीनगर। खिर्सू ब्लॉक की ग्रामसभा रामपुर के कांडा, गंवाणा और रामपुर गांवों को ढिकालगांव पेयजल पंपिंग योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। विकासखंड के 110 गांवों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 27.57 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस योजना की टेस्टिंग वर्ष 2021 में हुई थी और जनवरी 2022 में पेयजल निगम ने इसे जलसंस्थान को हस्तांतरित कर दिया था। इसके बावजूद इन तीन गांवों में लगे नलों में आज तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
ग्रामसभा के 40 से अधिक परिवारों के लिए पानी जुटाना चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में टेस्टिंग के दौरान नलों में पानी आया था, लेकिन इसके बाद से आपूर्ति नहीं हुई। पेयजल संकट के चलते ग्रामीणों को प्राकृतिक जलस्रोतों और ग्रेविटी लाइनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मियों में पानी की अधिक आवश्यकता और स्रोतों पर घटते जलस्तर से इन गांवों में पेयजल संकट गहरा जाता है। ग्राम प्रधान अनूप कपरुवाण ने बताया कि तीनों गांवों के बीच कांडईखाल प्राथमिक विद्यालय के समीप निर्माणदायी कंपनी से टैंक बनाने का अनुरोध निर्माणदायी संस्था से किया गया था, ताकि गांवों में पेयजल आपूर्ति हो सके, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई। कांडा के रविंद्र रौतेला ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से कई बार वार्ता करने के साथ ही बीडीसी खिर्सू की बैठक में भी समस्या उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। रामपुर के अब्बल सिंह रावत ने कहा कि टेस्टिंग के बाद से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
इस योजना की पेयजल लाइनों से इन गांवों में ग्रेविटी का पानी जोड़ा गया है। योजना से छूटे गांवों में आपूर्ति करने और अन्य खामियों को दूर करने के लिए सवा चार करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जल्द ही कमियों को दूर कर इन गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
विज्ञापन
-आयुष कंडारी, जेई जलसंस्थान, श्रीनगर