दिव्यांगों के लिए गठित स्थानीय कमेटी एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के संचालन के लिए बनी जिला प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी ने ली। डीएम जोगदंडे ने कहा कि दिव्यांगों को सबल बनाने की दिशा में ठोस कार्य करने की आवश्यकता है। दिव्यांगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही स्वरोजगार की योजनाओं से उन्हें लाभान्वित करते हुए कार्यों की लगातार निगरानी की जाए। डीएम ने कहा कि दिव्यांगों से किसी तरह की अभद्रता सामने आने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि शिविर लगाकर दिव्यांगों से जुड़ी योजनाओं का वृहत स्तर पर प्रचार किया जाए। डीएम ने रोस्टर बनाकर प्रत्येक ब्लाक में दो शिविर लगाने के निर्देश दिए। कहा कि पौड़ी, कोटद्वार, थलीसैंण, नैनीडाडा आदि क्षेत्र में शिविर लगाकर दिव्यांग मेजरमेंट कराने, दिव्यांगों को उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता अरोड़ा ने बताया कि जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का संचालन जिला अस्पताल परिसर पौड़ी में शुरू किया गया है, जिसे राडस संस्था की ओर से संचालित किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि राडस संस्था की कार्य प्रणाली सही न होने की शिकायतें मिल रही हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण अधिकारी को दिशा-निर्देश भी दिए। इस मौके पर एसीएमओ डा. अशोक कुमार, डीपीआरओ एमएम खान, प्रभारी डीपीओ जितेंद्र कुमार, रंजीत रावत, एडीओ समाज कल्याण अनिल सेमवाल आदि मौजूद रहे।