फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Discussion held on the causes and consequences of forest fires in Garhwal University

गढ़वाल विवि में जंगलों की आग के कारण और परिणामों पर आयोजित हुई परिचर्चा

Sun, 22 May 2022 09:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 09:45 PM IST
विज्ञापन
Discussion held on the causes and consequences of forest fires in Garhwal University
गढ़वाल विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में उत्तराखंड के जंगलों की आग के ऐतिहासिक और वर्तमान परिदृश्य पर एक दिवसीय परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने जंगलों की आग के कारण और उसके दुष्परिणामों पर विचार रखे।
विज्ञापन

परिचर्चा का संचालन करते हुए शोध छात्रा शिवानी पांडे ने विषय की ऐतिहासिक जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने जंगलों पर अधिकार के लिए अंग्रेजों के खिलाफ प्रतिरोध किया था, लेकिन आज सरकारों की लापरवाही से यह आग हमारी जैव विविधता को नुकसान पहुंचा रही है। विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि वनाग्नि लगातार भीषण रूप धारण कर रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नरेश कुमार ने वनाग्नि के कारणों और बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया। डा. राकेश नेगी ने गांवों से हो रहे पलायन और बदलावों को वनाग्नि का मुख्य कारक बताया। डा. सुभाष लाल ने वनाग्नि की रोक थाम के लिए स्थानीय लोगों के सहयोग और ठोस योजनाओं के निर्माण का सुझाव दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed