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दुराचारी को 10 साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला पौड़ी
Updated Thu, 26 Feb 2015 10:23 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन ने नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुराचार के मामले में आरोपी को पोस्को अधिनियम के तहत दोषी पाया।
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कोर्ट ने आरोपी को दस साल की सजा और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता केपी डंगवाल ने बताया कि 19 अप्रैल 2014 को कोटद्वार तहसील क्षेत्र में सातवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ दुराचार की घटना हुई थी।
इस मामले में पीड़िता के पिता ने कोटद्वार थाने में तहरीर देकर दिनेश सिंह पर दुराचार करने का आरोप लगाया था। तहरीर में उन्होंने कहा था कि घटना के दिन आरोपी ने छात्रा को वजीफे का फार्म भरने के बहाने अपने घर में बुलाया।
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जहां उसने छात्रा के दुराचार किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की भी धमकी दी।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में आरोपी दिनेश के खिलाफ पोस्को अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
शासकीय अधिवक्ता डंगवाल ने बताया इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी दिनेश को पोस्को अधिनियम के तहत दोषी पाया।
उसे पोस्को अधिनियम में दस साल के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।