फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Canal got entangled in two departments

दो विभागों में उलझ कर रह गई नहर

Sat, 18 Dec 2021 07:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 07:36 PM IST
विज्ञापन
Canal got entangled in two departments
विकास खंड देवप्रयाग के सिमलासू गांव की सिंचाई नहर करीब छह वर्षों से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीणों ने बताया कि पांच किमी नहर से करीब 200 नाली से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई होती थी। अब सिंचाई के अभाव में सारी कृषि भूमि बंजर पड़ी है। विभाग भी समस्या का समाधान करने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन

सिमलासू गांव के भगवान दास ने बताया कि वर्ष 2015 में लोनिवि की ओर से पौड़ीखाल-भासौं मोटर मार्ग का निर्माण करवाया गया था। इस दौरान मोटर मार्ग के मलबे से नहर का अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर नगर को मार्ग निर्माण के लिए तोड़ा गया है। तब से सिंचाई के अभाव मेें सारी भूमि बंजर में पड़ी है। उन्होंने बताया कि छह वर्षों से लगातार सिंचाई विभाग से नहर की मरम्मत और क्षतिग्रस्त भाग के निर्माण की गुहार लगाई जा रही है। लोनिवि का कहना है कि सिंचाई विभाग ने नगर के क्षतिग्रस्त भाग का इस्टीमेट नहीं भेजा है, जबकि सिंचाई विभाग का कहना है कि वह दो बार लोनिवि को इस्टीमेट भेज चुका है। जिस कारण आज तक नहर का निर्माण नहीं हो पाया है। अब इसी मोटर मार्ग का प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्माण करवाया जा रहा है, जिससे करीब आधी नहर मलबे से दब चुकी है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान गांव के कई युवा नौकरी छोड़कर गांव लौटे हैं। वह भी खेती से अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, लेकिन सिंचाई की सुविधा न होने से वह भी परेशान हैं। ग्रामीण विक्रम सिंह, अवतार सिंह, धन सिंह, जंगवीर सिंह, कमल सिंह व उदय सिंह ने शीघ्र समस्या के निराकरण की मांग की है।
विज्ञापन

-नहर की मरम्मत के लिए लोनिवि को दो बार इस्टीमेट भेजा गया है, लेकिन आज तक उनकी ओर से क्षतिपूर्ति नहीं दी गई है। फिर से लोनिवि से बात की जाएगी। -वीरपाल भट्ट, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड कीर्तिनगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

-सिंचाई विभाग ने मोटर मार्ग से क्षतिग्रस्त हुई सिमलासू नहर का संयुक्त निरीक्षण नहीं करवाया है और न ही इस्टीमेट भेजा है। जल्द ही इस बारे में सिंचाई विभाग से संपर्क किया जाएगा। -सतीश भट्ट, ईई, लोनिवि कीर्तिनगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed