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Pauri News: बसें शादियों में व्यस्त, सड़कों पर धक्के खा रहे यात्री
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पौड़ी। जिला मुख्यालय पौड़ी में सोमवार को यात्रियों को बसों के लिए खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शादी समारोह में बसों का संचालन होने से यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं बसों का संचालन नहीं होने से बस स्टेशन पर सन्नाटा रहा। लोग टैक्सियों में अधिक किराया देकर अपने गंतव्य को पहुंचे।
सोमवार को मुख्यालय के बस स्टेशन में पौड़ी से संचालित होने वाली अधिकांश बसें पौड़ी नहीं पहुंची। जिससे यात्रियों को बस सेवा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। शादियों में व्यस्तता के चलते पौड़ी से सीकू-पालत, पैठाणी, चौबट्टा, देहलचौरी व तिरपालीसैंण, थलीसैंण, उफरैखाल आदि क्षेत्रों में बस सेवा ठप रही।
गौरतलब है कि पौड़ी से गढ़वाल मोटर ऑनर यूनियन लि. (जीएमओयू) व गढ़वाल मोटर बहुद्देशीय सहकारी समिति (जीएमबीएसएस) की ओर से कुल 52 बसों का संचालन जिले के विभिन्न रूटों पर होता है। यूनियन की नियमावली के अनुसार 40:60 के अनुपात में बसों का संचालन करना होता है। जिसमें 40 फीसदी बसें यात्री रूटों पर संचालित होती हैं, जबकि 60 फीसदी को शादी समारोह समेत विभिन्न गतिविधियों के लिए संचालित किया जा सकता है।
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जीएमओयू लि. के प्रबंधक अरुण रावत ने बताया कि कोटद्वार से 40 बसें जनपद के विभिन्न रूटों पर चलती हैं। जिसमें से करीब आधी बसें पौड़ी मुख्यालय के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होती हैं। बताया कि सीकू-पालत, पैठाणी, चौबट्टा, देहलचौरी आदि ग्रामीण रूटों पर बसें संचालित होती हैं। वहीं जीएमबीएसएस के सचिव रमेश चंद्र उप्रेती ने बताया कि समिति में 12 बसें हैं, जो कि ऋषिकेश, तिरपालीसैंण, थलीसैंण और उफरैखाल आदि क्षेत्रों में संचालित की जा रही हैं।
संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारिका प्रसाद ने बताया कि सोमवार को शादियों का मुहूर्त रहा। जिसके चलते बसों की व्यस्तता बनी रही। बताया कि मंगलवार से यातायात सेवा पूर्व की तरह यथावत शुरू की जाएगी। कहा कि बसों के तय समय पर नहीं चलने पर दोनों समितियों के प्रबंधकों को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
केस - 1 स्थानीय अनूप सिंह ने बताया कि परिजनों को थलीसैंण जाना था, लेकिन बस स्टेशन पर घंटों इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली। लिहाजा उन्हें पौड़ी में ही रुकना पड़ा।
केस -2 विनोद कुमार ने बताया कि परिवार संग सुबह दिल्ली से पौड़ी पहुंचे। बच्चों समेत उन्हें पैठाणी जाना था, बस नहीं मिली। इस लिए उन्हें टैक्सी बुक करके घर पहुंचना पड़ा।
सोमवार को मुख्यालय के बस स्टेशन में पौड़ी से संचालित होने वाली अधिकांश बसें पौड़ी नहीं पहुंची। जिससे यात्रियों को बस सेवा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। शादियों में व्यस्तता के चलते पौड़ी से सीकू-पालत, पैठाणी, चौबट्टा, देहलचौरी व तिरपालीसैंण, थलीसैंण, उफरैखाल आदि क्षेत्रों में बस सेवा ठप रही।
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गौरतलब है कि पौड़ी से गढ़वाल मोटर ऑनर यूनियन लि. (जीएमओयू) व गढ़वाल मोटर बहुद्देशीय सहकारी समिति (जीएमबीएसएस) की ओर से कुल 52 बसों का संचालन जिले के विभिन्न रूटों पर होता है। यूनियन की नियमावली के अनुसार 40:60 के अनुपात में बसों का संचालन करना होता है। जिसमें 40 फीसदी बसें यात्री रूटों पर संचालित होती हैं, जबकि 60 फीसदी को शादी समारोह समेत विभिन्न गतिविधियों के लिए संचालित किया जा सकता है।
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जीएमओयू लि. के प्रबंधक अरुण रावत ने बताया कि कोटद्वार से 40 बसें जनपद के विभिन्न रूटों पर चलती हैं। जिसमें से करीब आधी बसें पौड़ी मुख्यालय के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होती हैं। बताया कि सीकू-पालत, पैठाणी, चौबट्टा, देहलचौरी आदि ग्रामीण रूटों पर बसें संचालित होती हैं। वहीं जीएमबीएसएस के सचिव रमेश चंद्र उप्रेती ने बताया कि समिति में 12 बसें हैं, जो कि ऋषिकेश, तिरपालीसैंण, थलीसैंण और उफरैखाल आदि क्षेत्रों में संचालित की जा रही हैं।
संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारिका प्रसाद ने बताया कि सोमवार को शादियों का मुहूर्त रहा। जिसके चलते बसों की व्यस्तता बनी रही। बताया कि मंगलवार से यातायात सेवा पूर्व की तरह यथावत शुरू की जाएगी। कहा कि बसों के तय समय पर नहीं चलने पर दोनों समितियों के प्रबंधकों को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
केस - 1 स्थानीय अनूप सिंह ने बताया कि परिजनों को थलीसैंण जाना था, लेकिन बस स्टेशन पर घंटों इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली। लिहाजा उन्हें पौड़ी में ही रुकना पड़ा।
केस -2 विनोद कुमार ने बताया कि परिवार संग सुबह दिल्ली से पौड़ी पहुंचे। बच्चों समेत उन्हें पैठाणी जाना था, बस नहीं मिली। इस लिए उन्हें टैक्सी बुक करके घर पहुंचना पड़ा।