{"_id":"628914419b16a922ff42f9c2","slug":"approval-of-change-in-examination-centers-with-less-student-numbers-shrinagar-news-drn412391540","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम छात्र संख्या वाले परीक्षा केंद्रों में बदलाव को मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम छात्र संख्या वाले परीक्षा केंद्रों में बदलाव को मंजूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि ने संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों को सीयूईटी (विवि संयुक्त प्रवेश परीक्षा) से छूट देने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। विवि से संबद्ध महाविद्यालय/संस्थान स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को पूर्व की भांति मेरिट के आधार पर प्रवेश दे सकते हैं। इस आदेश का असर विवि के तीनों परिसरों (श्रीनगर, पौड़ी व टिहरी) पर नहीं होगा। परिसरों में प्रवेश हेतु सीयूईटी के माध्यम से ही प्रवेश होंगे।
यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने शिक्षण सत्र 2022-23 से देश भर में स्थित समस्त केंद्रीय विश्वविद्यालयों के परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों में सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश देने का निर्णय लिया था, लेकिन इस बीच पूर्वोत्तर भारत के 8 केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित गढ़वाल विवि से संबद्ध महाविद्यालयों की ओर से विषम भौगोलिक परिस्थिति, संसाधनों की अनुपलब्धता, कनेेक्टिविटी का हवाला देते हुए सीयूईटी से छूट देने का अनुरोध किया गया, जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी को इस संबंध में निर्णय लेने के आदेश दिए। मंत्रालय के आदेश पर यूजीसी ने 19 मई को पत्र जारी करते हुए पूर्वोत्तर के 8 केंद्रीय विवि और गढ़वाल विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में पूर्व की भांति दाखिला प्रकिया चलाने की छूट दे दी।
यूजीसी का पत्र मिलने के बाद शनिवार को गढ़वाल विवि ने भी आदेश जारी करते हुए संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों को सिर्फ सत्र 2022-23 में सीयूईटी से छूट दे दी। विवि ने संबंधित संस्थानों के निदेशक/प्राचार्यों को पत्र भेजकर पूर्व की भांति प्रवेश देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
सीयूईटी के नोडल अधिकारी प्रो. अनिल नौटियाल के अनुसार, कुछ पोर्टल में ऐसा प्रकाशित हुआ है कि गढ़वाल विवि को सीयूईटी से छूट मिल गई है। इससे भ्रांतियां हो गई है। उन्होंने बताया कि सीयूइटी सिर्फ संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों में नहीं होगी। विवि के तीनों परिसर में प्रवेश के लिए सीयूईटी अनिवार्य है।
कम छात्र संख्या वाले परीक्षा केंद्रों में बदलाव को मंजूरी
श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि की विद्या परिषद (एसी) ने कम छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों/महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्र निकटतम परीक्षा केंद्रों में शिफ्ट करने को हरी झंडी दे दी है। विद्या परिषद ने सीयूईटी (विवि संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के माध्यम से प्रवेश देने पर सहमति जताई है।
कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल की अध्यक्षता में विद्या परिषद की ऑन लाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने विवि में डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीएसीई) को मंजूरी मिल गई है। परिषद ने डीएसीई के प्रोग्राम कोर्डिनेटर के लिए राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल के नाम पर मुहर लगाई।
परिषद ने 14 शोध छात्रों की पीएचडी थीसिस को भी मंजूरी दे दी। यूजीसी के निर्देशानुसार सीयूईटी के माध्यम से स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश पर परिषद ने सहमति दे दी। संचालन कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने किया। संवाद
विज्ञापन
यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने शिक्षण सत्र 2022-23 से देश भर में स्थित समस्त केंद्रीय विश्वविद्यालयों के परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों में सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश देने का निर्णय लिया था, लेकिन इस बीच पूर्वोत्तर भारत के 8 केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित गढ़वाल विवि से संबद्ध महाविद्यालयों की ओर से विषम भौगोलिक परिस्थिति, संसाधनों की अनुपलब्धता, कनेेक्टिविटी का हवाला देते हुए सीयूईटी से छूट देने का अनुरोध किया गया, जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी को इस संबंध में निर्णय लेने के आदेश दिए। मंत्रालय के आदेश पर यूजीसी ने 19 मई को पत्र जारी करते हुए पूर्वोत्तर के 8 केंद्रीय विवि और गढ़वाल विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में पूर्व की भांति दाखिला प्रकिया चलाने की छूट दे दी।
विज्ञापन
यूजीसी का पत्र मिलने के बाद शनिवार को गढ़वाल विवि ने भी आदेश जारी करते हुए संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों को सिर्फ सत्र 2022-23 में सीयूईटी से छूट दे दी। विवि ने संबंधित संस्थानों के निदेशक/प्राचार्यों को पत्र भेजकर पूर्व की भांति प्रवेश देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
सीयूईटी के नोडल अधिकारी प्रो. अनिल नौटियाल के अनुसार, कुछ पोर्टल में ऐसा प्रकाशित हुआ है कि गढ़वाल विवि को सीयूईटी से छूट मिल गई है। इससे भ्रांतियां हो गई है। उन्होंने बताया कि सीयूइटी सिर्फ संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों में नहीं होगी। विवि के तीनों परिसर में प्रवेश के लिए सीयूईटी अनिवार्य है।
कम छात्र संख्या वाले परीक्षा केंद्रों में बदलाव को मंजूरी
श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि की विद्या परिषद (एसी) ने कम छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों/महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्र निकटतम परीक्षा केंद्रों में शिफ्ट करने को हरी झंडी दे दी है। विद्या परिषद ने सीयूईटी (विवि संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के माध्यम से प्रवेश देने पर सहमति जताई है।
कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल की अध्यक्षता में विद्या परिषद की ऑन लाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने विवि में डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीएसीई) को मंजूरी मिल गई है। परिषद ने डीएसीई के प्रोग्राम कोर्डिनेटर के लिए राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल के नाम पर मुहर लगाई।
परिषद ने 14 शोध छात्रों की पीएचडी थीसिस को भी मंजूरी दे दी। यूजीसी के निर्देशानुसार सीयूईटी के माध्यम से स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश पर परिषद ने सहमति दे दी। संचालन कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने किया। संवाद