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व्यास घाट क्षेत्र में खनन पर रोक
Pauri
Updated Wed, 22 Oct 2014 05:32 AM IST
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देवप्रयाग। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने व्यास घाट क्षेत्र में गंगा तट पर हो रहे खनन पर रोक लगा दी है। कोटा विकास समिति ने जून में नेशनल ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर व्यास घाट क्षेत्र में खनन रोकने की मांग की थी।
कोटा विकास समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह व सचिव मगन सिंह तड़ियाल ने बताया कि क्षेत्रवासियों के विरोध के बावजूद प्रशासन ने फरवरी में व्यास घाट क्षेत्र में खनन का पट्टा जारी कर दिया था। जिस पर पट्टाधारक ने मार्च से खनन शुरू किया था। उन्होंने बताया कि खनन पट्टा स्वामी स्वीकृत क्षेत्र से पांच गुना अधिक क्षेत्र में खनन कर रहे हैं। ऐसे में थेगंगा किनारे स्थित कई गांवों के शमशान घाट, महादेव मंदिर, महर्षि व्यास मंदिर को खतरा हो गया था। ग्रामीणों के विरोध व आंदोलन के बावजूद खनन जारी था। जिस पर ग्रामीणों ने कोटा विकास समिति के बेनर तले खनन के विरोध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर फैसला देते हुए गंगा किनारे व्यास घाट क्षेत्र में खनन पर रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल के इस आदेश पर सेवा समिति के डा. शिवचरण देसवाल, बद्रीश विशाल दास, विनोद जायसवाल, रवि रावत आदि ग्रामीणों ने प्रसन्नता जताई है।
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कोटा विकास समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह व सचिव मगन सिंह तड़ियाल ने बताया कि क्षेत्रवासियों के विरोध के बावजूद प्रशासन ने फरवरी में व्यास घाट क्षेत्र में खनन का पट्टा जारी कर दिया था। जिस पर पट्टाधारक ने मार्च से खनन शुरू किया था। उन्होंने बताया कि खनन पट्टा स्वामी स्वीकृत क्षेत्र से पांच गुना अधिक क्षेत्र में खनन कर रहे हैं। ऐसे में थेगंगा किनारे स्थित कई गांवों के शमशान घाट, महादेव मंदिर, महर्षि व्यास मंदिर को खतरा हो गया था। ग्रामीणों के विरोध व आंदोलन के बावजूद खनन जारी था। जिस पर ग्रामीणों ने कोटा विकास समिति के बेनर तले खनन के विरोध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर फैसला देते हुए गंगा किनारे व्यास घाट क्षेत्र में खनन पर रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल के इस आदेश पर सेवा समिति के डा. शिवचरण देसवाल, बद्रीश विशाल दास, विनोद जायसवाल, रवि रावत आदि ग्रामीणों ने प्रसन्नता जताई है।
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