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सरकारी चीनी की चाय पीने से उल्टी
Pauri
Updated Fri, 03 Jan 2014 05:47 AM IST
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कोटद्वार। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर खराब चीनी मिलने की शिकायतें मिल रही हैं। विकासखंड जयहरीखाल के ढौंटियाल की की दुकान से बंटी चीनी की चाय पीने से लोगों में उल्टी होने की बात सामने आई है। उपभोक्ताओं ने लैंसडौन के उपजिलाधिकारी को पत्र लिखकर दुकानों को आवंटित हो रहे राशन की जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ढौंटियाल की सरकारी दुकान को जो चीनी आवंटित हुई थी उसमें से पांच बोरियों में चीनी की क्वालिटी बहुत ही खराब है। चीनी का रंग भूरा था। इस चीनी की चाय पीने के बाद लोगों को उल्टी होने लगी। कई कार्ड धारक इस चीनी को ले गए लेकिन वह अब इसे जानवरों को खिला रहे हैं। राशन डीलर प्रेमसिंह रावत का कहना है कि खराब राशन आने का यह मामला पहला नहीं है। पिछले महीने जितना गेहूं मिला वह इतना खराब था कि उसके आटे की रोटी काली और कड़वी हो रही थी। तब भी उपभोक्ताओं यह आटा जानवरों खिलाया था। ग्रेन डीलर समिति के अध्यक्ष मनोज नेगी और सचिव मुकेश चंद्र ने एसडीएम से मांग की है कि इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए सरकारी सस्ते गल्ले की राशन की जांच की जाए।
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- संबंधित मामले की शिकायत नहीं मिली है। कई बार गोदाम से भी गलती से इस तरह का सामान आ जाता है। उसको बदला जा सकता है। यदि दुकान में चीनी खराब आई है तो उसे बदलवा सकते हैं।
विज्ञापन
- अनिल गर्ब्याल, एसडीएम लैंसडौन
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जानकारी के अनुसार ढौंटियाल की सरकारी दुकान को जो चीनी आवंटित हुई थी उसमें से पांच बोरियों में चीनी की क्वालिटी बहुत ही खराब है। चीनी का रंग भूरा था। इस चीनी की चाय पीने के बाद लोगों को उल्टी होने लगी। कई कार्ड धारक इस चीनी को ले गए लेकिन वह अब इसे जानवरों को खिला रहे हैं। राशन डीलर प्रेमसिंह रावत का कहना है कि खराब राशन आने का यह मामला पहला नहीं है। पिछले महीने जितना गेहूं मिला वह इतना खराब था कि उसके आटे की रोटी काली और कड़वी हो रही थी। तब भी उपभोक्ताओं यह आटा जानवरों खिलाया था। ग्रेन डीलर समिति के अध्यक्ष मनोज नेगी और सचिव मुकेश चंद्र ने एसडीएम से मांग की है कि इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए सरकारी सस्ते गल्ले की राशन की जांच की जाए।
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- संबंधित मामले की शिकायत नहीं मिली है। कई बार गोदाम से भी गलती से इस तरह का सामान आ जाता है। उसको बदला जा सकता है। यदि दुकान में चीनी खराब आई है तो उसे बदलवा सकते हैं।
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- अनिल गर्ब्याल, एसडीएम लैंसडौन