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‘जिज्ञासा का केंद्र होते हैं साहित्यकार’

Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
Pauri
Pauri Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
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कोटद्वार/जयहरीखाल। हिंदी के पहले डीलिट डा. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल जयंती पर उनके पैतृक गांव पाली मल्ली में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने कहा कि साहित्यकार हमेशा जिज्ञासा के केंद्र में होते हैं। उम्र ने उनका साथ नहीं दिया था, लेकिन कम उम्र के बाद भी उन्होंने जो कार्य किया था वह अद्वितीय है।
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रावत ने कहा कि उनके पैतृक गांव में भू-स्मारक समिति को पंजीकृत कराया जाएगा। उसके बाद उनके नाम पर शोध संस्थान और अन्य कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर पाली के ग्राम प्रधान जगमोहन सिंह राणा, सहित अन्य लोग उपस्थित थे। वहीं राजकीय महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य प्रेम कुमारी रघुवंशी ने बड़थ्वाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसमें हिंदी विभाग की छात्रा रंजना नेगी ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। डा. अर्चना रानी ने अपनी कविता प्रणाम पुष्पांजलि से उनको याद किया। इसके अलावा डा. कुमकुम रौतेला, डा संगीता मिश्रा, डा पुष्पांजलि आर्य ने डा. बड़थ्वाल को पुष्प चढ़ाए।
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