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लोक संस्कृति से रूबरू हो रही हैं ग्रामीण अंचल की महिलाएं
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:00 PM IST
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पौड़ी। खातस्यूं पट्टी की ग्रामीण महिलाओं को मौलिक सांस्कृतिक गतिविधियों को सिखाने के लिए गढ़कला सांस्कृतिक संस्था की ओर से इन दिनों कई गांवों में कार्यशाला शुरू की गई है।
गढ़कला सांस्कृतिक संस्था ने संगीत नाटक अकादमी दिल्ली के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं की लोकनृत्य कार्यशाला शुरू की गई है। कार्यशाला में संस्था के निर्देशक विनोद श्रीकोटी ने गांव की महिलाओं को लोक कला के गुर सिखाए। खातस्यूं पट्टी के दर्जन भर गांवों की महिलाओं को नृत्य के साथ-साथ गायन व मंचीय प्रस्तुतीकरण की जानकारी दी गई। कार्यशाला में गांव की महिलाएं थड़िया, चौंफला, पांडव नृत्य के साथ ही विभिन्न गढ़वाली, जौनसारी तथा उत्तराखंड के लोकनृत्य सीख रही हैं। उन्हें विभिन्न नृत्यों की वेशभूषा व परंपरागत आभूषणों की जानकारी भी दी जा रही है। श्रीकोट, गिंठाली, वैली, क्यार्द, पातल व चौरकंडी आदि गांवों में कार्यशाला संचालित की गई।
गढ़कला सांस्कृतिक संस्था ने संगीत नाटक अकादमी दिल्ली के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं की लोकनृत्य कार्यशाला शुरू की गई है। कार्यशाला में संस्था के निर्देशक विनोद श्रीकोटी ने गांव की महिलाओं को लोक कला के गुर सिखाए। खातस्यूं पट्टी के दर्जन भर गांवों की महिलाओं को नृत्य के साथ-साथ गायन व मंचीय प्रस्तुतीकरण की जानकारी दी गई। कार्यशाला में गांव की महिलाएं थड़िया, चौंफला, पांडव नृत्य के साथ ही विभिन्न गढ़वाली, जौनसारी तथा उत्तराखंड के लोकनृत्य सीख रही हैं। उन्हें विभिन्न नृत्यों की वेशभूषा व परंपरागत आभूषणों की जानकारी भी दी जा रही है। श्रीकोट, गिंठाली, वैली, क्यार्द, पातल व चौरकंडी आदि गांवों में कार्यशाला संचालित की गई।
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