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ब्लाक व तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में ग्रामीणों को नापनी पड़ रही 45 किमी की अतिरिक्त दूरी
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श्रीनगर। देवप्रयाग (हिंडोलाखाल) ब्लाक की 12 ग्रामपंचायतों को कीर्तिनगर में शामिल किए जाने पर अब क्षेत्र की अन्य ग्रामपंचायतों के जनप्रतिनिधि भी परिसीमन की मांग करने लगे है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अगर उन्हें ब्लाक व तहसील कीर्तिनगर में शामिल किया गया तो क्षेत्रीय जनता को करीब 45 किमी अतिरिक्त दूरी नहीं नापनी पड़ेगी।
विकासखंड देवप्रयाग के ग्राम पंचायत क्वीली, मछयारी सिलोड़, कफल्ड व टकोली के ग्रामीणों को ब्लाक व तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में करीब 60 से 80 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। जबकि यह ग्राम पंचायतें दूसरे ब्लाक कीर्तिनगर मुख्यालय से मात्र 17 से 25 किमी दूरी पर है। बावजूद इसके हाल ही में हुए परिसीमन में इन ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल नहीं किया गया है। प्रधान राजेश्वर प्रसाद बडोनी ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत क्वीली, मछयारी व सिलोड़ ब्लाक मुख्यालय हिंडोलाखाल से करीब 80 किमी की दूरी पर है। जबकि तहसील तक पहुंचने में ग्रामीणों को 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। कहा कि अगर उन्हें कीर्तिनगर ब्लाक व तहसील में शामिल किया जाता तो ग्रामीणों को अधिक लाभ मिलता। यही समस्या ग्राम पंचायत कफल्ड व टकोली की है। प्रधान गणेश प्रसाद व उषा देवी ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत तहसील व ब्लाक मुख्यालय कीर्तिनगर से करीब 17 किमी दूरी पर हैं, लेकिन देवप्रयाग ब्लाक व तहसील तक जाने में ग्रामीणों को करीब 50 से 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। कहा कि अगर उनकी ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक व तहसील में शामिल किया जाता तो ग्रामीणों को कम दूरी नापनी पड़ती। बताया कि तहसील व ब्लाक से अधिक दूरी होने से ग्रामीणों को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ग्राम प्रधानों ने उक्त सभी ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक व तहसील में शामिल किए जाने की मांग की है।
-जिन ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव दिए थे उन्हें कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल किया गया है। अगर अन्य ग्राम पंचायतों की ओर से परिसीमन का प्रस्ताव आया तो उनके लिए भी पूरा प्रयास किया जाएगा।
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विनोद कंडारी, विधायक देवप्रयाग।
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विकासखंड देवप्रयाग के ग्राम पंचायत क्वीली, मछयारी सिलोड़, कफल्ड व टकोली के ग्रामीणों को ब्लाक व तहसील मुख्यालय तक पहुंचने में करीब 60 से 80 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। जबकि यह ग्राम पंचायतें दूसरे ब्लाक कीर्तिनगर मुख्यालय से मात्र 17 से 25 किमी दूरी पर है। बावजूद इसके हाल ही में हुए परिसीमन में इन ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल नहीं किया गया है। प्रधान राजेश्वर प्रसाद बडोनी ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत क्वीली, मछयारी व सिलोड़ ब्लाक मुख्यालय हिंडोलाखाल से करीब 80 किमी की दूरी पर है। जबकि तहसील तक पहुंचने में ग्रामीणों को 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। कहा कि अगर उन्हें कीर्तिनगर ब्लाक व तहसील में शामिल किया जाता तो ग्रामीणों को अधिक लाभ मिलता। यही समस्या ग्राम पंचायत कफल्ड व टकोली की है। प्रधान गणेश प्रसाद व उषा देवी ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत तहसील व ब्लाक मुख्यालय कीर्तिनगर से करीब 17 किमी दूरी पर हैं, लेकिन देवप्रयाग ब्लाक व तहसील तक जाने में ग्रामीणों को करीब 50 से 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। कहा कि अगर उनकी ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक व तहसील में शामिल किया जाता तो ग्रामीणों को कम दूरी नापनी पड़ती। बताया कि तहसील व ब्लाक से अधिक दूरी होने से ग्रामीणों को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ग्राम प्रधानों ने उक्त सभी ग्राम पंचायतों को कीर्तिनगर ब्लाक व तहसील में शामिल किए जाने की मांग की है।
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-जिन ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव दिए थे उन्हें कीर्तिनगर ब्लाक में शामिल किया गया है। अगर अन्य ग्राम पंचायतों की ओर से परिसीमन का प्रस्ताव आया तो उनके लिए भी पूरा प्रयास किया जाएगा।
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विनोद कंडारी, विधायक देवप्रयाग।