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मनीषा, प्रदीप और अंजना चुने गए श्रेष्ठ प्रशिक्षु
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:12 PM IST
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पौड़ी। डिप्लोमाधारी फार्मेसिस्टों के तीन महीने के व्यवहारिक प्रशिक्षण में मनीषा रावत, प्रदीप नेगी और अंजना बिष्ट को श्रेष्ठ प्रशिक्षु फार्मेसिस्ट चुना गया। वहीं फार्मेसिस्टों ने औषधि क्रय नीति को सरल बनाने और फार्मेसी का ढांचा तय किए जाने की मांग की।
जिला अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य वीरेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि तीन महीने तक चली कार्यशाला में वरिष्ठ फार्मेसिस्टों की ओर से प्रशिक्षु फार्मेसिस्टों को औषधि वितरण, भंडारण, औषधियों के उपयोग, दुष्प्रभाव, रखरखाव, आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन, औषधि प्रबंधन और फार्मेसी में करियर की जानकारी दी गई। इसमें तीन प्रशिक्षुओं को श्रेष्ठ प्रशिक्षु के रूप में चयनित किया गया। कार्यशाला में फार्मेसिस्टों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की मांग की गई। चीफ फार्मेसिस्ट बीपी सती ने कहा कि औषधि क्रय नीति को सरल बनाया जाए। पीएस रांगड़ ने कहा कि 18 साल बाद भी प्रदेश में फार्मेसी का ढांचा तय नहीं हो सका है। कार्यशाला में बीएस रावत, आईसी चमोली, पीडी नौडियाल, सीबी बलूनी, हेमंत कुमार, विकास, अंजलि व वर्णिका आदि मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य वीरेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि तीन महीने तक चली कार्यशाला में वरिष्ठ फार्मेसिस्टों की ओर से प्रशिक्षु फार्मेसिस्टों को औषधि वितरण, भंडारण, औषधियों के उपयोग, दुष्प्रभाव, रखरखाव, आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन, औषधि प्रबंधन और फार्मेसी में करियर की जानकारी दी गई। इसमें तीन प्रशिक्षुओं को श्रेष्ठ प्रशिक्षु के रूप में चयनित किया गया। कार्यशाला में फार्मेसिस्टों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की मांग की गई। चीफ फार्मेसिस्ट बीपी सती ने कहा कि औषधि क्रय नीति को सरल बनाया जाए। पीएस रांगड़ ने कहा कि 18 साल बाद भी प्रदेश में फार्मेसी का ढांचा तय नहीं हो सका है। कार्यशाला में बीएस रावत, आईसी चमोली, पीडी नौडियाल, सीबी बलूनी, हेमंत कुमार, विकास, अंजलि व वर्णिका आदि मौजूद रहे।
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