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खंड मल्ला के प्रधान, पंचायत अधिकारी व आशा से होगी वसूली
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:00 PM IST
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पौड़ी। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने ग्राम पंचायत खंड मल्ला के ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान व आशा कार्यकत्री से 2,63,530 रुपये वसूली के आदेश दिए हैं। इसके अलावा डीएम ने प्रधान से जवाब तलब भी किए हैं।
ब्लाक थलीसैंण के दूरस्थ ग्राम पंचायत खंड मल्ला में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, प्रधान व आशा कार्यकत्री का बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने डीपीआरओ एमएम खान से ग्राम पंचायत खंड मल्ला की जांच करवाई। इसमें विकास कार्यों की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। ग्राम प्रधान ने वर्ष 2013-15 में एक लाख की विधायक निधि से सीसी मार्ग का निर्माण दर्शाया। जांच में पाया गया कि मार्ग उखड़ा हुआ है। जलागम से गांव में पेयजल टैंक का निर्माण किया गया। टैंक का निर्माण पूरा होने के बाद यह लीक करने लगा। इसके बाद जलागम विभाग से 17 हजार रुपये टैंक के मरम्मतीकरण पर खर्च किए गए, लेकिन टैंक तब भी लीक करता रहा। राज्य वित्त से ग्राम पंचायत के हडियाणू तोक में यात्री शेड का निर्माण दर्शाया गया, जबकि यात्री शेड का निर्माण हुआ ही नहीं। यात्री शेड पर 80,000 रुपये खर्च दर्शाया गया है। इसके अलावा 14वें वित्त समेत अन्य योजनाओं में भी अनियमिताएं सामने आई हैं।
कोट
ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। खंड मल्ला के प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की कारगुजारियां सामने आई हैं और इन पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य ग्राम पंचायतों की जांच भी डीपीआरओ को सौंपी गई है।
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-सुशील कुमार, जिलाधिकारी गढ़वाल।
ब्लाक थलीसैंण के दूरस्थ ग्राम पंचायत खंड मल्ला में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, प्रधान व आशा कार्यकत्री का बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने डीपीआरओ एमएम खान से ग्राम पंचायत खंड मल्ला की जांच करवाई। इसमें विकास कार्यों की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। ग्राम प्रधान ने वर्ष 2013-15 में एक लाख की विधायक निधि से सीसी मार्ग का निर्माण दर्शाया। जांच में पाया गया कि मार्ग उखड़ा हुआ है। जलागम से गांव में पेयजल टैंक का निर्माण किया गया। टैंक का निर्माण पूरा होने के बाद यह लीक करने लगा। इसके बाद जलागम विभाग से 17 हजार रुपये टैंक के मरम्मतीकरण पर खर्च किए गए, लेकिन टैंक तब भी लीक करता रहा। राज्य वित्त से ग्राम पंचायत के हडियाणू तोक में यात्री शेड का निर्माण दर्शाया गया, जबकि यात्री शेड का निर्माण हुआ ही नहीं। यात्री शेड पर 80,000 रुपये खर्च दर्शाया गया है। इसके अलावा 14वें वित्त समेत अन्य योजनाओं में भी अनियमिताएं सामने आई हैं।
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कोट
ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। खंड मल्ला के प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की कारगुजारियां सामने आई हैं और इन पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य ग्राम पंचायतों की जांच भी डीपीआरओ को सौंपी गई है।
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-सुशील कुमार, जिलाधिकारी गढ़वाल।