{"_id":"5cae30b8bdec2223512da972","slug":"131554919608-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ता को 8 लाख 50 हजार 443 रुपये अदा करे बीमा कंपनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता को 8 लाख 50 हजार 443 रुपये अदा करे बीमा कंपनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। जिला उपभोक्ता फोरम ने वाहन दुर्घटना के मामले में सुनवाई करते हुए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर 8 लाख 50 हजार 443 रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए । इसके अलावा फोरम ने आर्थिक व मानसिक क्षति और केस के खर्चे के रुप मेें 10 हजार अतिरिक्त देने के भी आदेश दिए हैं। कंपनी को संपूर्ण धनराशि का भुगतान एक माह के अंदर करना होगा।
देहरादून निवासी राजेश सिंह ने जनवरी 2017 में जिला उपभोक्ता फोरम पौड़ी में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और मैग्मा फिनकार्प के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। उसका कहना था कि उसने 28 जनवरी 2012 से 27 जनवरी 2013 तक के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से हाईड्रोलिक एक्सकेवेटर का बीमा करवाया था। उक्त वाहन 10 जुलाई 2012 को धुमाकोट में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना की सूचना पर इंश्योरेंस कंपनी के सर्वेयर ने सर्वे किया। पीड़ित ने वाहन फाइनेंस करने वाली कंपनी मैग्मा फाइनेंस के माध्यम से 11 लाख 45 हजार रुपये का मरम्मत खर्चा इंश्योरेंस कंपनी से मांगा लेकिन उसको क्लेम नहीं मिला। फोरम ने आदेश सुनाते हुए कहा कि सर्वेयर ने 8 लाख 50 हजार 433 रुपये क्षति का आकलन किया है। इश्योरेंस कंपनी उक्त धनराशि और खर्चे के 10 हजार रुपये सहित कुल 8 लाख 60 हजार 443 रुपये शिकायकर्ता को दे।
विज्ञापन
देहरादून निवासी राजेश सिंह ने जनवरी 2017 में जिला उपभोक्ता फोरम पौड़ी में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और मैग्मा फिनकार्प के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। उसका कहना था कि उसने 28 जनवरी 2012 से 27 जनवरी 2013 तक के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से हाईड्रोलिक एक्सकेवेटर का बीमा करवाया था। उक्त वाहन 10 जुलाई 2012 को धुमाकोट में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना की सूचना पर इंश्योरेंस कंपनी के सर्वेयर ने सर्वे किया। पीड़ित ने वाहन फाइनेंस करने वाली कंपनी मैग्मा फाइनेंस के माध्यम से 11 लाख 45 हजार रुपये का मरम्मत खर्चा इंश्योरेंस कंपनी से मांगा लेकिन उसको क्लेम नहीं मिला। फोरम ने आदेश सुनाते हुए कहा कि सर्वेयर ने 8 लाख 50 हजार 433 रुपये क्षति का आकलन किया है। इश्योरेंस कंपनी उक्त धनराशि और खर्चे के 10 हजार रुपये सहित कुल 8 लाख 60 हजार 443 रुपये शिकायकर्ता को दे।
विज्ञापन