फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   panchayati raj bill pass in uttarakhand assembly.

15 साल बाद उत्तराखंड में आया 'पंचायतराज'

Fri, 18 Mar 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 18 Mar 2016 01:14 AM IST
सार

  • 29 विषयों पर अधिकार देने की व्यवस्था।
  • तीन दर्जन से अधिक नए विषय जोड़े।
  • टैक्स लगाने और आय के स्रोतों में रायल्टी का अधिकार भी।

विज्ञापन
panchayati raj bill pass in uttarakhand assembly.
हरीश रावत - फोटो : file photo

विस्तार

राज्य गठन के 15 साल बाद प्रदेश को अपना पंचायत एक्ट मिल गया। बृहस्पतिवार को हंगामे के चलते उत्तराखंड पंचायतीराज विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिया गया।
विज्ञापन


विधेयक में सरकार ने पंचायतों को संविधान प्रदत्त 29 विषयों पर अधिकार देने की व्यवस्था की है। प्रदेश में लागू उत्तर प्रदेश के पंचायती राज अधिनियम में करीब एक दर्जन बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा तीन दर्जन से अधिक नए विषय जोड़े हैं।
विज्ञापन


नए विधेयक में सरकार ने पंचायतों में सोशल ऑडिट करना अनिवार्य किया है, वहीं पंचायतों को टैक्स लगाने और खनन आदि में रायल्टी वसूलने का अधिकार दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश में अभी तक उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम, 1947 और उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961 लागू है। प्रदेश सरकार ने इन दोनों को मिलाकर अब एक एक्ट बना दिया है।

इस एक्ट के लिए प्रदेश को 15 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। लगातार कहा जाता रहा कि प्रदेश की अपनी विशिष्ट स्थिति है और इस हिसाब से पंचायत का अपना एक्ट होना चाहिए।

29 विषयों पर पंचायतों को मिला अधिकार

panchayati raj bill pass in uttarakhand assembly.
सीएम हरीश रावत - फोटो : file photo

एक्ट में पंचायतों को प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवार कल्याण सहित 29 विषयों के अधिकार देना अनिवार्य किया गया है। संविधान संशोधन के जरिये पंचायतों को देश में यह अधिकार दे दिए गए थे, पर प्रदेश में एक्टिविटी मैपिंग न होने के कारण पंचायतों को ये अधिकार नहीं मिल पाए थे।

पंचायत क्षेत्र घोषित करने के लिए अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में कम से कम 300 और मैदानी क्षेत्रों में 1000 की जनसंख्या का मानक था। नए एक्ट में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यह मानक 500 कर दिया गया है। जबकि, मैदानी क्षेत्रों के लिए मानक नहीं बदला यथावत रखा गया है।

पंचायतों को टैक्स लगाने और विभिन्न आय के स्रोतों में रायल्टी का अधिकार भी दिया गया है। इसके अलावा यह भी साफ कर दिया गया है कि जिसके घर में शौचालय नहीं होगा वह चुनाव नहीं लड़ पाएगा। नए एक्ट में पति प्रधान की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की कोशिश की गई है और पंचायतों में अविश्वास प्रस्तावों को लेकर उठ खड़े होने वाले झगड़ों से बचने की कोशिश की गई है।

बोले मंत्री
पंचायतों को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। पंचायतों को 29 विषयों का अधिकार देने की एक्ट में व्यवस्था कर दी गई है। उन्हें आय के नए स्रोत विकसित करने के भी अधिकार मिल गए हैं।
-प्रीतम सिंह, पंचायत मंत्री

एक्ट में पंचायतों को मिला ये खास

panchayati raj bill pass in uttarakhand assembly.
हरीश रावत - फोटो : file photo
-पंचायतों को मिला 29 विषयों का अधिकार
-पंचायतों और नगर पालिकाओं के लिए जिला योजना समिति का गठन
-वन पंचायत और ग्राम पंचायत सामंजस्य स्थापित कर काम करेंगी
-ग्राम पंचायतों को ठोस कचरा प्रबंधन का अधिकार
-ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट अनिवार्य
-महिला प्रधान, उप प्रधान और सदस्यों के स्थान पर पति प्रधान, उप प्रधान या सदस्य बैठक में पाए गए तो दोनों को ही अगले चुनाव से वंचित किया जाएगा। यही व्यवस्था जिला और क्षेत्र पंचायत के लिए होगी।
-घर में शौचालय नहीं होगा तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
-प्रधान एवं पंचायत सदस्य के लिए निर्वाचन गुप्त मतदान या ईवीएम से होगा
-प्रधान, उप प्रधान के घर पर हुई बैठक की कार्यवाही अवैध मानी जाएगी
-विवाह स्थल, मंडप, रिजार्ट, मनोरंजन पर तीनों पंचायत टैक्स या शुल्क लगा सकेंगी
-शराब की दुकान, भवन निर्माण, मानचित्र में पंचायत उपकर लगा सके गी
-पंचायतें हाउस टैक्स लगा सकेंगी, रेत, बजरी आदि खनन कार्य में भी मिलेगी रायल्टी
-स्टांप ड्यूटी पर सरचार्ज लगाने का अधिकार, सरकार अभी न्याय विभाग से राय लेगी
-पंचायतों को जुर्माना लगाने और दंडात्मक कार्रवाई का भी मिला अधिकार

यह किए गए बदलाव
-ग्राम सभा की हर तिमाही एक बैठक। पहले साल में दो आम सभाओं का प्रावधान था
-ग्राम सभा की बैठक सार्वजनिक/ सरकारी भवन या खुले स्थान पर होगी, पहले ग्राम सभा के कार्यालय वाले गांव में ही बैठक होती थी
-ग्राम सभा की बैठक के लिए कोरम में कुल परिवारों की संख्या के आधे परिवारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति, पहले कुल सदस्यों का 1/5 जरूरी था
-ग्राम पंचायत की शिक्षा तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति में महिला अध्यक्ष, पूर्व में उप प्रधान को अध्यक्ष बनाया जाता था
-जिला और क्षेत्र पंचायत की तिमाही बैठक होगी, पूर्व में हर दो माह में एक बैठक करना जरूरी था
-प्रमुख या उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पद ग्रहण करने के एक साल के अंदर नहीं लाया जा सकेगा। पहले यह प्रतिबंध दो साल के  लिए था।
-प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कुल सदस्यों की आधी संख्या ही ला सकती है। निर्वाचन के एक साल के अंदर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा। पहले मतदान करने वाले दो तिहाई सदस्य प्रधान को हटा सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed