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तीर्थयात्री ने की जान देने की कोशिश

Sat, 22 Jun 2013 03:39 PM IST
बदरीनाथ, गोपेश्वर/गौरव सुयाल,प्रमोद सेमवाल
बदरीनाथ, गोपेश्वर/गौरव सुयाल,प्रमोद सेमवाल Updated Sat, 22 Jun 2013 03:39 PM IST
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one pilgrim attempts suicide

हे, बदरीनाथ हमारी रक्षा करो। बदरीनाथ धाम में शाम होते ही मायूस तीर्थयात्रियों की मंदिर में यही पुकार सुनने को मिल रही है। 16 जून से धाम में फंसे तीर्थयात्रियों का अब धैर्य जवाब देने लगा है।

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शुक्रवार को एक तीर्थयात्री ने धैर्य खोकर अलकनंदा नदी में छलांग लगाने की कोशिश की, लेकिन मंदिर समिति और अन्य तीर्थयात्री ने उसे समझाया, बचाया। शासन-प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा यहां नहीं है। स्थानीय लोग तीर्थयात्रियों की मदद कर रहे हैं।
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यात्रियों ने नारेबाजी की

बीते शनिवार से धाम में बिजली नहीं है। यहां बीएसएलएल के अलावा सभी संचार कंपनियों के मोबाइल टावरों ने भी कार्य करना बंद कर दिया है। धाम में फंसे तीर्थयात्रियों में प्रदेश व केंद्र सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है। हजारों यात्रियों ने नारेबाजी भी की। इस पर स्थानीय पुलिस ने तीर्थयात्रियों पर हल्का बलप्रयोग किया।
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धाम में मंदिर समिति की ओर से पूरी, छोले दिए जा रहे हैं। हेलीपैड पर आर्मी द्वारा मेडिकल कैंप लगाया गया है। अस्वस्थ, बुजुर्ग, बच्चे व महिलाओं को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ भेजा जा रहा है। पिछले तीन दिनों में सैकड़ों लोगों को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचाया गया है।

मां, मत रो, मैं जिंदा हूं


लेकिन यहां तीर्थयात्रियों ने सुना कि आगामी 25 जून से फिर उत्तराखंड में बारिश आएगी। जिसे सुन बच्चे व महिलाएं रोने लगी हैं। यदि शीघ्र निकालने की व्यवस्था नहीं की गई तो तीर्थयात्री आपा खो सकते हैं। दो तीर्थयात्री पैदल ही गोविंदघाट की ओर गए, लेकिन रास्ते में ही वे अलकनंदा नदी में समा गए हैं।

मायूसी में बदल रही हिम्मत
तीर्थयात्री सूरज की पहली किरण के साथ ही बदरीनाथ धाम के हैलीपैड पर इस आशा से पहुंच रहे हैं कि आज उन्हें निकाल लिया जाएगा, लेकिन शाम होते-होते उनका उत्साह और हिम्मत मायूसी में बदल रही है। मायूस होकर उन्हें बदरीशपुरी जाना पड़ रहा है। धाम में अब भी करीब आठ हजार तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।

उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज

मथुरा के बृजेश, हरियाणा के रोहित और लखनऊ के टीका प्रसाद ने बताया कि अब धैर्य टूटने लगा है। दिमाग काम नहीं कर रहा है। बदरीनाथ में दूध की सप्लाई बंद है। बच्चों को पानी में चीनी घोलकर दे रहे हैं।


दिल्ली के सैकड़ों लोग फंसे हैं
दिल्ली के हर्षित आर्य का कहना है कि दिल्ली के सैकड़ों लोग धाम में फंसे हैं। दिल्ली सरकार हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करती है, तो कई जानें बच सकती हैं। बदरीनाथ में आयुर्वेद दवाई की दुकान चला रहे भानु प्रसाद गुप्ता तीर्थयात्रियों की फोन से उनके सगे-संबंधियों से बात करा रहे हैं।

हरियाणा के पुष्पा मघु, संतोष बिंद्रा ने बताया कि हेलीकॉप्टर से उन्हीं लोगों को ले जाया जा रहा है, जिनके नाम उनके पास हैं। वे नाम पुकार कर यात्रियों को ले जा रहे हैं।

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