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दो साल से पानी नहीं आता लेकिन बिल पहुंच जाता है
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:07 PM IST
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पानी की समस्या
- फोटो : demo
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दो सालों से पाइ प लाइन सूखने के कारण पानी की आपूर्ति बंद है। लेकिन जल संस्थान उपभोक्ताओं को पानी का बिल भेज रहा है। परेशान लोगों ने अब संस्थान की इस कार्यप्रणाली का विरोध किया है। हम बात कर रहे हैं आर्केडिया के ठाकुरपुर क्षेत्र स्थित रुद्र एनक्लेव की। यहां के करीब सौ लोग इस समस्या से परेशान हैं।
यह क्षेत्र कुछ ऊंचाई पर स्थित है। लिहाजा यहां पानी का चढ़ पाना मुश्किल होता है। दो साल पहले तक तो किसी तरह पानी पहुंच जाता था, लेकिन इसके बाद लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस गए।
आखिरकार लोग अब टैंकरों के भरोसे पानी की जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासी अनूप रस्तोगी ने बताया कि पानी के बिना काफी परेशानी होती है।
पाइप लाइन सूखने के कारण बंद है आपूर्ति:
कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, फिर भी हमें पानी नहीं मिल पा रहा है। देवेश्वरी देवी ने बताया कि सुबह से ही पानी की तलाश शुरू हो जाती है।
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टैंकरों को पैसे देकर हम परेशान हो गए हैं। पानी नहीं आने पर भी जल संस्थान का बिल पहुंच जाता है, जब पानी आता नहीं है तो, हम यह बिल क्यों भरें?
कई बार इस समस्या के बारे में जल संस्थान के अधिकारियों को बताया गया। स्मिथ नगर के नलकूप में मोटर लगाकर लोगों को पानी देने पर सहमति बनी है। फिलहाल लोगों को राहत देने के लिए विभाग ने मोटर वाले प्रस्ताव पर सहमति जताई है।
-गीता बिष्ट, उप प्रधान, आर्केडिया ग्राम सभा
पूरी आर्केडिया ग्राम सभा में ही पानी की किल्लत है। क्षेत्र के लिए प्रस्ताव बना दिया गया है, जिसके लिए वर्ल्ड बैंक से पैसा मांगा गया है। फिलहाल हैंडपंपों से ही क्षेत्रों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
-राजेंद्र रोहेला, अधिशासी अभियंता, पित्थूवाला जोन
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यह क्षेत्र कुछ ऊंचाई पर स्थित है। लिहाजा यहां पानी का चढ़ पाना मुश्किल होता है। दो साल पहले तक तो किसी तरह पानी पहुंच जाता था, लेकिन इसके बाद लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस गए।
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आखिरकार लोग अब टैंकरों के भरोसे पानी की जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासी अनूप रस्तोगी ने बताया कि पानी के बिना काफी परेशानी होती है।
पाइप लाइन सूखने के कारण बंद है आपूर्ति:
कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, फिर भी हमें पानी नहीं मिल पा रहा है। देवेश्वरी देवी ने बताया कि सुबह से ही पानी की तलाश शुरू हो जाती है।
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टैंकरों को पैसे देकर हम परेशान हो गए हैं। पानी नहीं आने पर भी जल संस्थान का बिल पहुंच जाता है, जब पानी आता नहीं है तो, हम यह बिल क्यों भरें?
कई बार इस समस्या के बारे में जल संस्थान के अधिकारियों को बताया गया। स्मिथ नगर के नलकूप में मोटर लगाकर लोगों को पानी देने पर सहमति बनी है। फिलहाल लोगों को राहत देने के लिए विभाग ने मोटर वाले प्रस्ताव पर सहमति जताई है।
-गीता बिष्ट, उप प्रधान, आर्केडिया ग्राम सभा
पूरी आर्केडिया ग्राम सभा में ही पानी की किल्लत है। क्षेत्र के लिए प्रस्ताव बना दिया गया है, जिसके लिए वर्ल्ड बैंक से पैसा मांगा गया है। फिलहाल हैंडपंपों से ही क्षेत्रों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
-राजेंद्र रोहेला, अधिशासी अभियंता, पित्थूवाला जोन