फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Naraynbagad changed the geography of disaster

आपदा ने बदला नारायणबगड़ का भूगोल

Sun, 30 Jun 2013 06:20 PM IST
विनय बहुगुणा/जयवीर मनराल
विनय बहुगुणा/जयवीर मनराल Updated Sun, 30 Jun 2013 06:20 PM IST
विज्ञापन
Naraynbagad changed the geography of disaster

उत्तराखंड के चमोली जिले में पिंडर नदी के दोनों तरफ बसे नारायणबगड़ का आपदा के चलते भूगोल ही बदल गया है। जहां भगवान नारायण का मंदिर और पुराना बाजार तबाह हो चुका है, वहीं सड़क से ऊपर केवर गांव के नीचे प्राचीन शिवालय की भूमि दरक रही है। यहां मठ और कुटिया की दीवारों पर दरारें पड़ चुकी हैं, जो कभी भी जमींदोज हो सकती है।

विज्ञापन


16-17 जून को जल प्रलय ने नारायणबगड़ को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम कर्णप्रयाग से मींग गदेरा पहुंची थी। नारायणबगड़ बाजार से ऊपर पहाड़ी रास्ते से केवर शिवालय होते हुए हम बाजार के दूसरे छोर पर पहुंचे।
विज्ञापन


कैसी संचालित होगी श्रीनंदा राजजात

यहां लोग करीब डेढ़ किमी की पगडंडी से बाजार के एक छोर से दूसरे छोर पहुंच रहे हैं। क्योंकि यहा पर कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग का करीब चार सौ मीटर हिस्सा ध्वस्त हो चुका है। इन हालात में 29 अगस्त से शुरू हो रही श्रीनंदा राजजात का यहां से कैसे संचालन होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मां श्रीनंदा की छंतोली केवर गांव से होकर ही अपनी ससुराल के पहले पड़ाव भगोती गांव पहुंचती है। केवर शिवालय में हमें बाबा नागेंद्र महाराज मिले। बताया कि भू-धंसाव की जद में होने के कारण कुटिया को 17 जून को ही खाली कर दिया था। वे टिन शेड से बने प्रतीक्षालय में रह रहे हैं, वहां भी भू-धंसाव हो रहा है।


रास्ते में कुछ लोग भी मिले, जिनका कहना था कि पिंडर के उफान से नारायणबगड़ पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। वर्तमान हालात कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकते हैं, जिन लोगों से भी हमने बात की उनकी जुबां पर एक सवाल तैर रहा था, क्षेत्र में राजजात कैसे होगी।

नारायणबगड़ बाजार में युवा जयवीर कंडारी और उनके साथियों का कहना था कि आपदा के बाद से प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक प्रयास नहीं हो पाए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed