फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Workers' strikes, to harass the patient

कर्मियों की हड़ताल, मरीज हुए हलकान 

Tue, 28 Jun 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Tue, 28 Jun 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
Workers' strikes, to harass the patient
उपनल कमी - फोटो : अमर उजाला
नियमितीकरण की मांग को लेकर उपनल कर्मियों की हड़ताल के कारण मरीजों को फजीहत झेलनी पड़ी। सुशीला तिवारी अस्पताल में पहाड़ से आए मरीज जानकारी के लिए भटकते रहे। कर्मचारी न होने के कारण पर्चे भी देर से बने और काउंटर पर भारी भीड़ लग गई। 
विज्ञापन


सुशीला तिवारी अस्पताल और मेडिकल कालेेज में लगभग 750 उपनल कर्मी कार्यरत हैं। नियमितीकरण की मांग को लेकर उपनल कर्मी तीन दिन के लिए कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए हैं। उपनल कर्मियों ने सोमवार को अस्पताल परिसर में जोरदार नारेबाजी की। कर्मियों ने बुद्ध पार्क पहुंचकर प्रदर्शन किया। उपनल कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों को कमरों और जांचों के बारे में पता नहीं चल पा रहा था। एक मरीज न्यूरो की ओपीडी के बाहर काफी देर तक स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। उपनल कर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण ओपीडी के पर्चे भी समय से नहीं बन सके। काउंटर लगभग आधा घंटे देर से शुरू हुआ और लोगों की भारी भीड़ लग गई थी। जांचों के लिए भी मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ा। 
विज्ञापन


उपनल कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से मुलाकात की। डा. हृदयेश ने बताया कि इस मामले में विधायक हीरा सिंह बिष्ट से बात हुई है। पूरे इस मामले का सकारात्मक हल कराने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में एमएस डा. एके पांडे ने बताया कि वार्ड अटेंडेंट, हाउस कीपिंग और सुरक्षा कर्मी हड़ताल पर नहीं गए थे। संविदा के एसटीएच और मेडिकल कालेज में 350 कर्मचारी हैं। कहा कि संविदा कर्मियों के अलावा मेडिकल कालेज का स्टाफ भी लगाया गया था। काम की गति धीमी जरूर रही मगर प्रभावित नहीं हुई। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी ने कहा कि 27 से 30 जून के बीच कोई भी कर्मी काम करता हुआ मिला तो एक हजार रुपये दंड वसूल किया जाएगा। कहा कि सरकार ने अगर कोई निदान नहीं निकाला तो आंदोलन अनिश्चितकालीन के लिए होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां कार्यरत हैं उपनल कर्मी 
स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, बायो केमेस्ट्री विभाग , रेडियोलाजी, पैथालाजी, माइक्रो बायोलाजी, तकनीशियन। 
=====================
मरीजों का दर्द 
फोटो 
हड़ताल होने के कारण कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। कौन सी जांच कहां होनी है इस बारे में बताने वाला कोई नहीं है। 
तुषार
फोटो 
बेटे को दिखाने आए हैं मगर कोई बताने वाला नहीं है। सितारगंज से आकर सुबह से बैठे हैं। हड़ताल के कारण कुछ पता नहीं चल रहा है। 
जहांगीर कौर
फोटो 
बलगम की जांच के लिए आए हैं। कोई बता रहा है कि कमरा नंबर चार में जांच होगी तो कोई दूसरे कमरे में भेज दे रहा है। सही जानकारी न मिलने के कारण एक घंटे से भटक रहे हैं। 
बाली राम
फोटो 
हड़ताल के कारण पर्चा बनने में देरी हुई। अब जानकारी देने वाला कोई नहीं है कि जांच कहां होगी या डाक्टर किस कमरे में मिलेंगे। 
जीवन सिंह सम्मल
फोटो 
जांच होनी थी और सुबह से ही आ गए थे। घंटों बैठने के बाद भी नंबर नहीं आया है। कोई सही जानकारी भी नहीं दे रहा है। 
सरस्वती देवी
फोटो 
काफी समय पहले जांच के लिए तारीख मिली थी। रानीखेत से समय से आ गए पर अभी नंबर नहीं आया है। बता रहे हैं कि दो बजे के बाद नंबर आएगा। 
भगवती देवी 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed