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महिलाएं ही संस्कृति की संवाहक
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 05 Sep 2016 01:01 AM IST
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गोरखाली तीज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखा सेवा समिति के तत्वावधान में हरिओम बैंक्वेट हॉल में हरि तालिका तीज महोत्सव शुरू हो गया। वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। डा. हृदयेश ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने संस्कृति विभाग के माध्यम से हरि तालिका तीज को वार्षिक सांस्कृतिक कलेंडर में शामिल कर लिया है।
उन्होंने कहा कि हरि तालिका का आयोजन गोरखा समाज के लोग ही करेंगे। प्रदेश सरकार की भूमिका सहयोगी की होगी। वित्तमंत्री ने कहा कि हरि तालिका तीज का त्योहार बेटी बचाओ का संदेश देता है। बेटियां हमारी धन लक्ष्मी हैं। बेटियों ने समाज के अनेकों क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
डा. हृदयेश ने गौरखाली समाज की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने गोरखा समाज की संस्कृति को जीवंत रखा है। वास्तव में महिलाएं ही प्रदेश की बहुआयामी संस्कृति की संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है वहां सुख समृद्धि एवं प्रगति का वास होता है। आह्वान किया कि महिलाओं के विकास के लिए जो योजनाएं सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं उनमें बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी करें। सशक्त महिला ही विकास का प्रतीक होती है।
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महोत्सव में हेमंत कुमार, क्षेत्री रोहित गोस्वामी, ज्ञान सिंह थापा, भीम सिंह राणा, लक्ष्मी नाथ गोस्वामी, श्याम सिंह साह, तारा नगरकोटी, इसम सिंह थापा, प्रेमा थापा, दुर्गा राणा, गीता थापा, लीली, राजू सिंह, राम बहादुर, गोर बहादुर, प्रताप बहादुर, किशन सिंह बिष्ट समेत आदि महिलाएं मौजूद थी।
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उन्होंने कहा कि हरि तालिका का आयोजन गोरखा समाज के लोग ही करेंगे। प्रदेश सरकार की भूमिका सहयोगी की होगी। वित्तमंत्री ने कहा कि हरि तालिका तीज का त्योहार बेटी बचाओ का संदेश देता है। बेटियां हमारी धन लक्ष्मी हैं। बेटियों ने समाज के अनेकों क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
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डा. हृदयेश ने गौरखाली समाज की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने गोरखा समाज की संस्कृति को जीवंत रखा है। वास्तव में महिलाएं ही प्रदेश की बहुआयामी संस्कृति की संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है वहां सुख समृद्धि एवं प्रगति का वास होता है। आह्वान किया कि महिलाओं के विकास के लिए जो योजनाएं सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं उनमें बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी करें। सशक्त महिला ही विकास का प्रतीक होती है।
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महोत्सव में हेमंत कुमार, क्षेत्री रोहित गोस्वामी, ज्ञान सिंह थापा, भीम सिंह राणा, लक्ष्मी नाथ गोस्वामी, श्याम सिंह साह, तारा नगरकोटी, इसम सिंह थापा, प्रेमा थापा, दुर्गा राणा, गीता थापा, लीली, राजू सिंह, राम बहादुर, गोर बहादुर, प्रताप बहादुर, किशन सिंह बिष्ट समेत आदि महिलाएं मौजूद थी।