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Nainital News: मझेड़ा नहर सूखी, तो खेतों में उग आईं झाड़ियां
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बेतालघाट के सूरी फार्म में सिंचाई नहर के क्षतिग्रस्त होने से बंजर पड़े खेतों में उगी घास ।
गरमपानी (नैनीताल)। सिंचाई विभाग की उदासीनता का खामियाजा बेतालघाट ब्लॉक के सूफी फार्म और डोबा गांव के किसानों को उठाना पड़ रहा है।
बेतालघाट के मझेड़ा सिंचाई नहर 2021 में आई आपदा के चलते क्षतिग्रस्त हो गई थी। दो साल बाद भी नहर की मरम्मत नहीं हुई, जिससे सूरी फार्म, डोबा और चुवारी के 65 से अधिक किसान परिवारों की भूमि पानी के अभाव में बंजर हो गई है। किसान सिंचाई नहर सही कराने की मांग अधिकारियों से करते रहतेे हैं लेकिन समस्या हल नहीं हो पा रही है। इससे किसानों का खेतीबाड़ी को लेकर मन भी भंग होने लगा है।
सूरी फार्म निवासी देवेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि आपदा में क्षतिग्रस्त मझेड़ा सिंचाई नहर की अब तक मरम्मत नहीं होने के चलते 65 परिवारों की खेती बंजर पड़ी हैं। विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
आनंद गिरी ने बताया नहर में पानी नहीं आने से आसपास की भूमि बंजर पड़ी है। कई बार विभागीय अधिकारियों को नहर की खराब स्थिति के बारे में बताने के बाद भी कोई कार्यवाही तक नहीं होने से किसान परेशान हैं।
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सूरी फार्म निवासी मनोज गिरी ने बताया कि सिंचित खेती होने के बावजूद मझेड़ा नहर में पानी नहीं आने से खेतों में झाड़ियां उग आई हैं। किसान नहर ठीक होने की आस लगाए हैं। लेकिन नहीं होने से मटर, गेहूं, हरी सब्जियों और दालों का उत्पादन चौपट हो गया है।
सिंचाई विभाग नैनीताल के एई गणेश पांडे ने बताया कि मझेड़ा सिंचाई नहर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पांच करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई नहर की मरम्मत का काम शुरू होने वाला है।
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बेतालघाट के मझेड़ा सिंचाई नहर 2021 में आई आपदा के चलते क्षतिग्रस्त हो गई थी। दो साल बाद भी नहर की मरम्मत नहीं हुई, जिससे सूरी फार्म, डोबा और चुवारी के 65 से अधिक किसान परिवारों की भूमि पानी के अभाव में बंजर हो गई है। किसान सिंचाई नहर सही कराने की मांग अधिकारियों से करते रहतेे हैं लेकिन समस्या हल नहीं हो पा रही है। इससे किसानों का खेतीबाड़ी को लेकर मन भी भंग होने लगा है।
सूरी फार्म निवासी देवेंद्र सिंह बोरा ने बताया कि आपदा में क्षतिग्रस्त मझेड़ा सिंचाई नहर की अब तक मरम्मत नहीं होने के चलते 65 परिवारों की खेती बंजर पड़ी हैं। विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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आनंद गिरी ने बताया नहर में पानी नहीं आने से आसपास की भूमि बंजर पड़ी है। कई बार विभागीय अधिकारियों को नहर की खराब स्थिति के बारे में बताने के बाद भी कोई कार्यवाही तक नहीं होने से किसान परेशान हैं।
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सूरी फार्म निवासी मनोज गिरी ने बताया कि सिंचित खेती होने के बावजूद मझेड़ा नहर में पानी नहीं आने से खेतों में झाड़ियां उग आई हैं। किसान नहर ठीक होने की आस लगाए हैं। लेकिन नहीं होने से मटर, गेहूं, हरी सब्जियों और दालों का उत्पादन चौपट हो गया है।
सिंचाई विभाग नैनीताल के एई गणेश पांडे ने बताया कि मझेड़ा सिंचाई नहर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पांच करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई नहर की मरम्मत का काम शुरू होने वाला है।