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जेल में ब्लेड से नस काटकर जान देने का प्रयास
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 09 May 2016 12:58 AM IST
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उप कारागार हल्द्वानी की बैरक संख्या दो में बंद हरविंदर सिंह ने रविवार की शाम अपने गले और हाथों में कई वार कर जान देने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर बंदीरक्षक लहूलुहान बंदी को बेस अस्पताल ले गये। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे एसटीएच में भर्ती कराया गया है। बंदी ने किस कारण से जान देने की कोशिश की। इस बारे में जेल अधीक्षक बताने से बच रहे हैं।
ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने हरविंदर सिंह पुत्र सोहन सिंह को शराब की तस्करी के आरोप में तीन दिन पहले गिरफ्तार किया था। जेल अधीक्षक ने उसे बैरक संख्या दो में दाखिल किया था। रविवार की शाम अचानक बंदी ने अपनी बैरक में ब्लेड से दोनों हाथों की नस काटी और गले में कई वार कर जान देने का प्रयास किया। बैरक में अन्य बंदियों ने शोर मचाया तो बंदी रक्षक मौके पर पहुंचे तब तक बंदी लहूलुहान हो चुका था। बंदी रक्षक उसे बेस अस्पताल ले गये। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे एसटीएच के लिए रेफर कर दिया।
बंदी की देखरेख में बंदी रक्षक एनबी भट्ट और नेपाल की ड्यूटी लगायी गई है। कैदी की हालत गंभीर बनी है। बंदीरक्षकों का कहना है कि हरविंदर मानसिक रूप से कमजोर है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जेल की बैरक में ब्लेड कैसे पहुंच गई। इस बारे में पूछने पर जेल अधीक्षक मनोज आर्या का कहना है कि उनको पता ही नहीं है कि किसी कैदी ने जान देने का प्रयास किया है। घटना को लेकर जेल में हड़कंप मचा है।
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ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने हरविंदर सिंह पुत्र सोहन सिंह को शराब की तस्करी के आरोप में तीन दिन पहले गिरफ्तार किया था। जेल अधीक्षक ने उसे बैरक संख्या दो में दाखिल किया था। रविवार की शाम अचानक बंदी ने अपनी बैरक में ब्लेड से दोनों हाथों की नस काटी और गले में कई वार कर जान देने का प्रयास किया। बैरक में अन्य बंदियों ने शोर मचाया तो बंदी रक्षक मौके पर पहुंचे तब तक बंदी लहूलुहान हो चुका था। बंदी रक्षक उसे बेस अस्पताल ले गये। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे एसटीएच के लिए रेफर कर दिया।
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बंदी की देखरेख में बंदी रक्षक एनबी भट्ट और नेपाल की ड्यूटी लगायी गई है। कैदी की हालत गंभीर बनी है। बंदीरक्षकों का कहना है कि हरविंदर मानसिक रूप से कमजोर है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जेल की बैरक में ब्लेड कैसे पहुंच गई। इस बारे में पूछने पर जेल अधीक्षक मनोज आर्या का कहना है कि उनको पता ही नहीं है कि किसी कैदी ने जान देने का प्रयास किया है। घटना को लेकर जेल में हड़कंप मचा है।
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