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UK News: नवाचार-अनुसंधान को आगे बढ़ाएंगे यूओयू और आईआईटी रुड़की, दोनों के बीच हुआ एमओयूे
Thu, 27 Nov 2025 02:13 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 27 Nov 2025 02:13 PM IST
सार
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और आईआईटी रुड़की ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवोन्मेष को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
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समझौते के दौरान यूओयू के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और आईआईटी रुड़की अब प्रदेश में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को मिलकर आगे बढ़ाएंगे। दोनों शिक्षण संस्थानों के बीच बुधवार को महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
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आईआईटी रुड़की स्वदेशी तकनीक विकास के साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन और हाइब्रिड प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगा। आईआईटी के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि कृषि एवं खाद्य उत्पादों से संबंधित तकनीक, जैविक नवाचारों तथा डेटा सेंसर आधारित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भूस्खलन की घटनाओं का समाधान सेंसर आधारित तकनीक से खोजा जा सकता है। इस पर आईआईटी रुड़की कार्य कर रहा है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने बताया कि भविष्य में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की तर्ज पर एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (ईएमआरसी) स्थापित करने की योजना पर विवि गंभीरता से कार्य चल रहा है। वहां प्रो. गिरजा पांडे, प्रो. आशुतोष भट्ट, कुलसचिव डॉ. खेमराज, प्रो. जीतेंद्र पांडे, प्रो. राकेश रयाल, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. पीडी पंत, डॉ. बालम दफौटी आदि मौजूद रहे।
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