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नैनीताल हाईकोर्ट: मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को फिलहाल राहत नहीं, तीन नवंबर तक जवाब तलब
Fri, 30 Oct 2026 10:58 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Fri, 30 Oct 2026 10:58 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को फिलहाल राहत देने से इनकार करते हुए सरकार और शिकायतकर्ता को 3 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने केबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं देते हुए सरकार और शिकायतकर्ता को तीन नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ शिकायतकर्त की ओर से जो एफआईआर दर्ज कराई गई है वह झूठा व बेबुनियाद है। याचिका में कहा कि शिकायतकर्ता व उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी, तब से वे अपनी पत्नी के साथ हैं। दर्ज मुकदमे में याचिकाकर्ता पर आरोप लगाया गया है कि उनके द्वारा अपने को अविवाहित बताकर शिकायतकर्ता से शादी की गई है जबकि वे पहले से ही शादीशुदा थे। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि जालसाजी रचकर उनके फर्जी हस्ताक्षर बना कर उन्हें कई कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया। यही नही उनके द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी और जाति सूचक अपशब्द भी कहे गए है। जबकि याचिकाकर्ता की ओर से यह कहा गया कि उनकी पत्नी रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद उनके द्वारा 210 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित की गयी। इसलिए इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने को कहा था।
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याचिका में कहा कि उनके खिलाफ यह मुकदमा नहीं बनता हैं क्योंकि उनकी शादी को हुए 22 साल हो गए हैं। आज तक इस संबंधित में कोई उनके साथ उनका कोई मन मुटाव नहीं हुआ हैं। उनके खिलाफ गलत तथ्यों को जोड़कर मुकदमा दर्ज किया गया। इसलिए उनके खिलाफ यह झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। याचिका में उनके द्वारा कोर्ट से प्रार्थना की है कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए और दर्ज मुकदमे को निरस्त किया जाए।
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