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कार्बेट पार्क में आपसी संघर्ष में बाघ की मौत
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट लैंडस्केप में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ उनमें संघर्ष भी बढ़ रहा है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज के पथरूवा नाले में रविवार सुबह एक बाघ के घायल होने की सूचना वन विभाग की टीम मिली लेकिन टीम के वहां पहुंचने से पहले ही बाघ की तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी थी। बाघ के शव को रामनगर लाया गया, जहां डीएफओ बलवंत सिंह शाही, रेंजर विपिन डिमरी की मौजूदगी में पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा, डॉ. आयुष उनियाल की टीम ने बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया।
डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघ की मौत हुई है। मृत बाघ नौ वर्षीय नर था। उन्होंने बताया कि दूसरे बाघ ने उसके पिछले हिस्से में पंजा मारा था, जिससे वह लहूलुहान हो गया और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
दूसरा बाघ भी हुआ होगा जख्मी
आशंका जताई जा रही है कि यदि बाघ की मौत आपसी संघर्ष में हुई है तो दूसरा बाघ भी घायल होगा। वह भी जख्मी हालत में जंगल में भटक रहा होगा। ऐसे में वन विभाग को जल्द उसकी स्थिति का पता लगाना होगा। यदि उसे भी चोटें आईं होंगी तो सही समय पर इलाज शुरू करना होगा। वहीं, इंटरनेट मीडिया में यह खबर भी वायरल होती रही कि घायल बाघ को समय से उपचार नहीं मिल सका। सूचना के बावजूद समय पर विभाग की टीम नहीं पहुंची। यदि समय से उपचार मिला होता तो उसकी जान बच सकती थी।
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डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघ की मौत हुई है। मृत बाघ नौ वर्षीय नर था। उन्होंने बताया कि दूसरे बाघ ने उसके पिछले हिस्से में पंजा मारा था, जिससे वह लहूलुहान हो गया और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।
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दूसरा बाघ भी हुआ होगा जख्मी
आशंका जताई जा रही है कि यदि बाघ की मौत आपसी संघर्ष में हुई है तो दूसरा बाघ भी घायल होगा। वह भी जख्मी हालत में जंगल में भटक रहा होगा। ऐसे में वन विभाग को जल्द उसकी स्थिति का पता लगाना होगा। यदि उसे भी चोटें आईं होंगी तो सही समय पर इलाज शुरू करना होगा। वहीं, इंटरनेट मीडिया में यह खबर भी वायरल होती रही कि घायल बाघ को समय से उपचार नहीं मिल सका। सूचना के बावजूद समय पर विभाग की टीम नहीं पहुंची। यदि समय से उपचार मिला होता तो उसकी जान बच सकती थी।
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