दर्दनाक हादसा: नामकरण संस्कार में जा रहे परिवार पर टूटा दुख का पहाड़, कार हादसे में मां-बेटी समेत चार की मौत
नामकरण संस्कार में शामिल होने जा रहे परिवार की कार पूरनपुर (यूपी) के पास हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से घायल है। मृतकों में मां-बेटी के अलावा अन्य अलग-अलग परिवारों से थे।
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नामकरण संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे परिवार की कार हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में कार सवार मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। चारों मृतकों में मां-बेटी के अलावा अन्य मृतक अलग-अलग परिवार से ताल्लुक रखते हैं। हादसा पूरनपुर (यूपी) के पास हुआ। घटना से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
वार्ड-3 निवासी तारक मंडल (36) पुत्र स्व. निताई मंडल सोमवार को यूपी के लखीमपुर जिले के गोला गोकर्णनाथ निवासी अपनी बहन दीपा के पुत्र (भांजे) के नामकरण संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। तारक की कार में देवनगर गांव निवासी उनकी भाभी साधना गाईन (45) पत्नी सनातन और उनकी बेटी खुशबू (19), बेटा शांतनु उर्फ भोला (15) तथा वार्ड-3 निवासी पड़ोसी शेफाली राय (62) सवार थे।
बताया जा रहा है कि पूरनपुर के पास तेज गति से से जा रहे ट्रक ने उनकी कार में टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखचे उड़ गए और उसमें सवार साधना गाईन, शेफाली राय और तारक की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल हुई साधना की बेटी खुशबू गाईन और बेटे सनातन गाईन को पीलीभीत के जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से खुशबू की हालत चिंताजनक देखते हुए डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। उसे राममूर्ति अस्पताल ले जाया जा रहा था कि उसने भी रास्ते में दम तोड़ दिया।
मृतक तारक मंडल के माता-पिता की पिछले तीन साल के दौरान मौत हो चुकी है। पति-पत्नी में विवाद के कारण पत्नी मायके में रह रही है। तारक के तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। तारक की पड़ोसी शेफाली राय का एक बेटा और बहू है। बेटा सिडकुल की एक फैक्टरी में काम करता है। देवनगर निवासी साधना गाईन की घायल बेटी खुशबू बीए की छात्रा थी जबकि बेटा सनातन गाईन कक्षा नौ का छात्र है। उनके पति मजदूरी करते हैं।
दुर्घटना की खबर मिलते ही हताहत हुए लोगों के परिजन और कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक साधना गाईन और शेफाली राय के घर में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है जबकि मृतक तारक मंडल के घर सन्नाटा पसरा हुआ है।
दूसरी कार में सवार रिश्तेदारों को 40 मिनट बाद हादसे का पता चला
नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे लोगों में तारक मंडल की कार में पांच लोगों के अलावा उसके बहनोई विक्रम ढाली के कार में उनकी पत्नी और दो बच्चों सहित पांच लोग सवार थे। विक्रम की कार आगे आगे चल रही थी। घटनास्थल से करीब 35 किलोमीटर आगे पहुंचकर अपने पीछे तारक की कार को न आता देख विक्रम ने तारक के मोबाइल पर कॉल किया। एक पुलिसकर्मी ने कॉल रिसीव कर विक्रम को दुर्घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे लोग घटनास्थल पर पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचे ग्राम प्रधान और अन्य ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। सौरभ ने पीलीभीत के सीएमओ से मोबाइल पर संपर्क कर बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने को कहा। इधर, पूरनपुर के पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय विश्वास ने अपने साथियों के साथ मिलकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाने में मदद की।