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इस बार टिकट वितरण में बदल गया जातिगत फार्मूला
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हल्द्वानी। कांग्रेस के वजीर हरीश रावत को मात देने के लिए भाजपा हर फार्मूला आजमाने की कोशिश में है। भाजपा ने लालकुआं से 27 हजार वोट से जीतने वाले विधायक नवीन दुम्का का टिकट काटा है। पार्टी ने अंदरखाने चर्चाओं में रहने वाले जातिगत समीकरण के आधार पर टिकट बंटवारे के फार्मूले को बदल दिया है। पार्टी ने दो दशक में पहली बार एक नए समीकरण के साथ जिले के चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। कांग्रेस ने भी रणनीति में बदलाव करते हुए सीटों पर टिकट बदलकर मुकाबला रोमांचक कर दिया है। हल्द्वानी सीट पर पार्टी ने सहानुभूति कार्ड भी खेला है, तो कालाढूंगी में महेश शर्मा को मैदान में उतारकर भगत के लिए मुश्किल बढ़ाने की कोशिश की है।
कांग्रेस और भाजपा की दोनों की लिस्ट आने के साथ विधानसभाओं में प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है। भाजपा ने जीत को सुनिश्चित करने के लिए हर फार्मूला आजमाने का फैसला किया है। पहले पार्टी पांच सीटों में से तीन पर ठाकुर तो दो सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी को मैदान में उतारती थी, इस बार चार सीटों पर ठाकुर और एक सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट दिया है।
लालकुआं सीट से विधायक नवीन दुम्का का टिकट काटा गया है। वहीं लालकुआं सीट पर महज 12 दिन पहले घर वापसी करने वाले मोहन सिंह को टिकट दिया है। भीमताल सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचने वाले राम सिंह कैड़ा को प्रत्याशी बनाया है। नैनीताल सीट पर वर्ष-2012 में विधायक रह चुकी और कांग्रेस छोड़कर आने वाले सरिता आर्या को टिकट दिया है। सरिता की पहले भी कांग्रेस प्रत्याशी संजीव आर्य से टक्कर हो चुकी है। भाजपा ने कालाढूंगी और रामनगर सीट पर पुराने दिग्गज और अनुभवी नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है। कालाढूंगी से बंशीधर भगत आठवीं बार और रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट पांचवीं बार चुनावी समर में हैं। सभी की निगाहें हल्द्वानी सीट पर लगी हुई थी, दूसरी सूची छह दिन बाद आई है। तमाम मंथन के बाद पार्टी ने पिछले चुनाव में डॉ. इंदिरा हृदयेश से हारने वाले व मेयर जोगेंद्र रौतेला पर ही पुन: दांव खेलने का फैसला किया है। यहां उनकी टक्कर में कांग्रेस से दिग्गज नेता स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश मैदान में हैं।
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कांग्रेस ने भी शह-मात के खेल में बदली रणनीति
हल्द्वानी। कांग्रेस ने भी टिकट देने में जातिगत फार्मूले में दो दशक के बाद बदलाव किया है। कांग्रेस पांच सीटों पर तीन ब्राह्मण और दो पर ठाकुर प्रत्याशियों को चुनावी समर में उतारती थी लेकिन इस बार दो ब्राह्मण और तीन ठाकुर प्रत्याशी चुनावी जंग में हैं। बंशीधर भगत से दो चुनावों में निर्दलीय टक्कर ले चुके महेश शर्मा फिर मैदान में हैं। रामनगर से महेंद्र पाल को मैदान में उतारा है। भीमताल में दान सिंह भंडारी और नैनीताल से 2017 का चुनाव जीत चुके संजीव आर्य को टिकट दिया है। इधर, कांग्रेस ने लालकुआं सीट पर हरीश रावत को प्रत्याशी बनाकर नैनीताल जिले में नेता प्रतिपक्ष के बाद एक सशक्त चेहरे की कमी को पूरा करने की कोशिश की है।
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कांग्रेस और भाजपा की दोनों की लिस्ट आने के साथ विधानसभाओं में प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है। भाजपा ने जीत को सुनिश्चित करने के लिए हर फार्मूला आजमाने का फैसला किया है। पहले पार्टी पांच सीटों में से तीन पर ठाकुर तो दो सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी को मैदान में उतारती थी, इस बार चार सीटों पर ठाकुर और एक सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट दिया है।
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लालकुआं सीट से विधायक नवीन दुम्का का टिकट काटा गया है। वहीं लालकुआं सीट पर महज 12 दिन पहले घर वापसी करने वाले मोहन सिंह को टिकट दिया है। भीमताल सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचने वाले राम सिंह कैड़ा को प्रत्याशी बनाया है। नैनीताल सीट पर वर्ष-2012 में विधायक रह चुकी और कांग्रेस छोड़कर आने वाले सरिता आर्या को टिकट दिया है। सरिता की पहले भी कांग्रेस प्रत्याशी संजीव आर्य से टक्कर हो चुकी है। भाजपा ने कालाढूंगी और रामनगर सीट पर पुराने दिग्गज और अनुभवी नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है। कालाढूंगी से बंशीधर भगत आठवीं बार और रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट पांचवीं बार चुनावी समर में हैं। सभी की निगाहें हल्द्वानी सीट पर लगी हुई थी, दूसरी सूची छह दिन बाद आई है। तमाम मंथन के बाद पार्टी ने पिछले चुनाव में डॉ. इंदिरा हृदयेश से हारने वाले व मेयर जोगेंद्र रौतेला पर ही पुन: दांव खेलने का फैसला किया है। यहां उनकी टक्कर में कांग्रेस से दिग्गज नेता स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश मैदान में हैं।
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कांग्रेस ने भी शह-मात के खेल में बदली रणनीति
हल्द्वानी। कांग्रेस ने भी टिकट देने में जातिगत फार्मूले में दो दशक के बाद बदलाव किया है। कांग्रेस पांच सीटों पर तीन ब्राह्मण और दो पर ठाकुर प्रत्याशियों को चुनावी समर में उतारती थी लेकिन इस बार दो ब्राह्मण और तीन ठाकुर प्रत्याशी चुनावी जंग में हैं। बंशीधर भगत से दो चुनावों में निर्दलीय टक्कर ले चुके महेश शर्मा फिर मैदान में हैं। रामनगर से महेंद्र पाल को मैदान में उतारा है। भीमताल में दान सिंह भंडारी और नैनीताल से 2017 का चुनाव जीत चुके संजीव आर्य को टिकट दिया है। इधर, कांग्रेस ने लालकुआं सीट पर हरीश रावत को प्रत्याशी बनाकर नैनीताल जिले में नेता प्रतिपक्ष के बाद एक सशक्त चेहरे की कमी को पूरा करने की कोशिश की है।