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...टूट पाएगा यह सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Thu, 31 Aug 2017 02:37 AM IST
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त्रिवेंद्र सिंह
- फोटो : AmarUjala
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बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार के बहाने भाजपा कुमाऊं में चुनाव बाद के सन्नाटे को तोड़ने की कोशिश में भी है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार में आयोजित किए जा रहे इस पहले बड़े आयोजन का फोकस भी संगठन पर है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के जनता दरबार जैसे सरकारी आयोजन के लिए भी भाजपा ने पार्टी कार्यालय को चुना है।
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इस बार के विधान सभा चुनाव में भारी बहुमत लेने के बाद भी भाजपा कुमाऊं में बहुत अधिक सुविधाजनक स्थिति में खुद को नहीं पा रही है। प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाते रहे पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य कुमाऊं में सक्रिय है।
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इन दोनों की भाजपा में उपस्थिति को भाजपा के कई नेता चुनाव बाद भी सहजता से स्वीकार नहीं कर पाए हैं। हल्द्वानी में ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की चुनौती से भाजपा पार नहीं पा पाई। अपने प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव पहले के नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की सीट तक भाजपा यहां से बचा नहीं पाई थी।
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कुमाऊं के ही भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी कुमाऊं में सार्वजनिक रूप से खास सक्रिय नहीं दिख रहे हैं। छह बार के विधायक और पूर्व मंत्री बंशीधर भगत इस बार मंत्री पद से ही दूर रह गए। अरविंद पांडे के पास मंत्री पद है पर अरविंद पांडे की सक्रियता गदरपुर मेें ही अधिक है।
इस स्थिति के बीच कुमाऊं में भाजपा का उत्साह सिरे से गायब है। संगठन के कुछ कार्यक्रमों के जरिए ही फिलहाल जमीन पर पांव जमाएं रखने की कोशिश हो रही है।
अब मुख्यमंत्री के जनता दरबार के जरिए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को फिर से जगाने की कोशिश में है। संगठन पर फोकस का आलम यह है कि मुख्यमंत्री का जनता दरबार तक भाजपा के पार्टी कार्यालय में आयोजित किया जा रहा है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत अलग से भी भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। इतने पर ही संतोष नहीं हुआ तो कार्यकर्ताओं से भी कहा गया है कि क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखे।