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38th National Games: प्रदेश में ऑलवेदर पूल नहीं, अभ्यास के लिए बंग्लूरू जा रहे तैराक; जिम्मेदार बने मूकदर्शक
Sat, 07 Dec 2024 01:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
राघव तिवारी, अमर उजाला
राघव तिवारी, अमर उजाला
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 01:50 PM IST
सार
प्रदेश 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा। प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के लिए ऑल वेदर पूल नहीं है। इसके चलते राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले प्रदेश के तैराक अभ्यास के लिए बंग्लूरू जाने को मजबूर हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हैरानी की बात है कि पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के लिए ऑल वेदर पूल नहीं है। इसके चलते राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले प्रदेश के तैराक अभ्यास के लिए बंग्लूरू जाने को मजबूर हैं। वहां उन्हें ऑल वेदर पूल की सभी सुविधाएं मिल रहीं हैं।
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28 जनवरी से 14 फरवरी तक प्रदेश 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा। ऐसे में सर्दियों में खेल होने की वजह से ऑल वेदर पूल में ही तैराकी संभव है। एक मात्र काशीपुर में निजी ऑल वेदर पूल है लेकिन इसकी लंबाई मात्र 25 मीटर है। इस वजह से यहां तैयारी संभव नहीं है। यहां केवल तैराकी के बेसिक गुर सिखाए जाते हैं। राष्ट्रीय खेलों के अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को प्रदेश छोड़कर कर्नाटक के बंग्लूरू जाना पड़ा है। यहां 50 मीटर के पूल में खिलाड़ी तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि उच्च स्तर के खिलाड़ी हर साल सर्दियों में कर्नाटक जाते हैं। प्रदेश में पहली बार गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉप्लेंक्स के तरणताल को ऑल वेदर पूल बनाया जा रहा है लेकिन अब तक इसमें हॉट वाटर पंप नहीं लग पाए हैं।
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संसाधन की कीमत नहीं समझ पाए जिम्मेदार
गौलापार स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर का 50 मीटर का तरणताल है। अगर जिम्मेदारों ने समय रहते दूरगामी सोच से इसे ऑल वेदर बना दिया होता तो राष्ट्रीय खेलों में तैराकी पदक के लिए हमारा दावा बेहद मजबूत होता। साथ ही हमारे तैराकों को बाहर नहीं जाना पड़ता।
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जानकारी में आया है कि खिलाड़ी तैयारी के लिए बाहर जा रहे हैं लेकिन हमारी पूरी कोशिश है कि हल्द्वानी में ऑल वेदर पूल जल्दी तैयार हो जाए। इसका निर्माण होने के बाद प्रदेश के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए कभी बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
-सीमा मल्होत्रा, संयुक्त सचिव, स्वीमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया