फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   There is a limit : officials do not care about the letter of PM office

हद हो गई: अफसरों को नहीं है पीएम दफ्तर के पत्र की परवाह

Sun, 18 Sep 2016 12:54 AM IST
चंद्रेश पांडे/रमेश तिवारी
चंद्रेश पांडे/रमेश तिवारी Updated Sun, 18 Sep 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
There is a limit : officials do not care about the letter of PM office
काश्तकार - फोटो : अमर उजाला

अतिवृष्टि और दैवीय आपदा में बरबाद हुए बगीचे और फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर दफ्तरों की खाक छानने के बाद भी जब कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो एक काश्तकार ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की।

विज्ञापन


पीएम दफ्तर से हुई काजर्रवाई के बाद अब जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों में न केवल खलबली मची है बल्कि वह काश्तकार को मुआवजा न मिलने के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने लगे हैं।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक पिछले साल अतिवृष्टि और दैवीय आपदा से घंघरेटी गांव निवासी विजय सिंह की 60 नाली भूमि में लगाई गई गेहूं, प्याज, मेथी, लहसुन और धनिये की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही नहीं विजय सिंह का आम, नीबू और आंवलो का बगीचा भी अतिवष्टि से बरबाद हो गया था। विजय सिंह ने बताया कि उक्त नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर उसने तहसील से लेकर कृषि और उद्यान विभाग के कई चक्कर काटे लेकिन किसी भी विभाग के अधिकारी ने उन्हें मुआवजा देना तो दूर शिकायत तक नहीं सुनी।

3 जुलाई 2015 को विजय सिंह ने डीएम को और इसी साल 20 जनवरी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की लेकिन उसे कहीं से कोई जवाब नहीं मिला। बावजूद इसके विजय सिंह दफ्तरों के चक्कर काटता रहा। जब कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई तो विजय सिंह ने 8 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

जून के पहले हफ्ते में पीएम दफ्तर ने इस मामले में उद्यान निदेशालय (चौबटिया गार्डन) को पत्र भेजकर काश्तकार को मुआवजा दिलाने को कहा। चौबटिया गार्डन के अधिकारियों ने उक्त पत्र को मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल को भेजा।

मुख्य कृषि अधिकारी दफ्तर ने काश्तकार से उक्त पत्र लेकर तहसील जाने की सलाह दी। विजय सिंह ने बताया कि जब वह तहसील में गया तो वहां मौजूद अधिकारियों ने यह कहते हुए कन्नी काट ली कि मुआवजा बांटने के लिए उनके पास बजट ही नहीं है। विजय सिंह का कहना है कि अब वह फिर से इस पूरे मामले की शिकायत पीएम दफ्तर से करेगा।


काश्तकार को मुआवजा देने संबंधी कोई चिट्ठी प्रधानमंत्री कार्यालय से आई है ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। पिछले साल मुआवजा बांटने के लिए जो बजट मिला था वह काश्तकारों को बांट दिया गया। अभी कई काश्तकारों को मुआवजा दिया जाना शेष है और उसके लिए शासन से बजट की मांग की गई है। हो सकता है कि विजय सिंह का नाम भी छूटे हुए काश्तकारों की सूची में हो।

- प्रमोद कुमार उपजिलाधिकारी कोश्या कुटौली तहसील

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed